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Dehradun News: लिवर की हाइडेटिड सिस्ट का सफल उपचार
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दून अस्पताल में लिवर के हाइडेटिड सिस्ट का सफलता पूर्वक उपचार किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला स्वस्थ है। दरअसल, 23 साल की मोनिका नेगी निवासी थराली, चमोली पिछले एक साल से लीवर की चार हाइडेटिड डिजीज से पीड़ित थी। मरीज को इस बीमारी के बारे में एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पता चला। इसके बाद मोनिका ने दून अस्पताल में अपना उपचार शुरू कराया। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराया तो पता चला कि लिवर में कई हाइडेटिड सिस्ट हैं और इनसे लिवर करीब 60 प्रतिशत खराब हो चुका है। डॉ. अभय कुमार की देखरेख में इसका उपचार शुरू किया। डॉक्टर ने बताया कि 60 प्रतिशत लिवर खराब होना और उसमे चार सिस्ट होना एक दुर्लभ परिस्थिति होती है क्योंकि सामान्यत ऐसी गांठें लीवर में एक या दो जगह ही पाई जाती हैं। इस कारण यह ऑपरेशन आसान नहीं होता है। दून अस्पताल ने सात दिन पूर्व ऑपरेशन की तैयारी शुरू की और आखिरकार शुक्रवार को मरीज का दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान करीब 10 से 15 सेमी की गांठें लिवर में मिलीं। छह घंटे तक चले आपरेशन में डॉक्टरों ने इन गांठों को निकाल दिया। डॉक्टरों की टीम में डॉ. दिव्यांशूु, डॉ. वैभव, डॉ. मयंक, डॉ. अनूठी एवं मोहित एवं एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अभिमन्यु, डॉ. निधि, डॉ. मानसी आदि मौजूद रहे।
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क्या है हाइडेटिड सिस्ट
हाइडेटिड सिस्ट रोग या सिस्टिक इचिनोकॉकोसिस, एक परजीवी संक्रमण है जो कुत्ते के टेपवर्म इचिनोकॉकस ग्रैनुलोसस के लार्वा चरण के कारण होता है। मनुष्य इसके अंडे से संक्रमित भोजन, पानी या सतहों से टेपवर्म के अंडे खाने से संक्रमित हो जाते हैं और अक्सर संक्रमित कुत्तों के मल के संपर्क में आने से भी संक्रमित हो जाते हैं। संक्रमण से सिस्ट बनते हैं जो आमतौर पर लीवर या फेफड़ों में होते हैं। यह कई वर्षों में बढ़ सकते हैं। सामान्यतः इसमें दर्द नहीं होता है। जब सिस्ट काफी बड़ा हो जाता तो इसके बारे में पता चलता है।
क्या है हाइडेटिड सिस्ट
हाइडेटिड सिस्ट रोग या सिस्टिक इचिनोकॉकोसिस, एक परजीवी संक्रमण है जो कुत्ते के टेपवर्म इचिनोकॉकस ग्रैनुलोसस के लार्वा चरण के कारण होता है। मनुष्य इसके अंडे से संक्रमित भोजन, पानी या सतहों से टेपवर्म के अंडे खाने से संक्रमित हो जाते हैं और अक्सर संक्रमित कुत्तों के मल के संपर्क में आने से भी संक्रमित हो जाते हैं। संक्रमण से सिस्ट बनते हैं जो आमतौर पर लीवर या फेफड़ों में होते हैं। यह कई वर्षों में बढ़ सकते हैं। सामान्यतः इसमें दर्द नहीं होता है। जब सिस्ट काफी बड़ा हो जाता तो इसके बारे में पता चलता है।
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