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Dehradun News: गले की गांठ और जबड़े के फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन
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दून अस्पताल के डॉक्टरों ने 62 वर्षीय मरीज के गले की बड़ी गांठ और एक माह पुराने जबड़े के जटिल फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया है। गले में गांठ के कारण सामान्य तरीके से सांस की नली में ट्यूब डालना जोखिम भरा था। ऐसे में डॉक्टरों ने लोकल एनेस्थीसिया में ही ऑपरेशन कर मरीज के जबड़े को सफलतापूर्वक जोड़ा।
मरीज गले में गांठ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन शर्मा की ओर से की गई बायोप्सी के दौरान जबड़े के पुराने फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक गले में मौजूद बड़ी गांठ के कारण मुंह या नाक के रास्ते इंट्यूबेशन करने में गंभीर जटिलता का खतरा था। इसे देखते हुए ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम को बैकअप में रखते हुए लोकल एनेस्थीसिया में सर्जरी करने का निर्णय लिया गया।
ऑपरेशन के दौरान समय कम करने और सटीकता बनाए रखने के लिए लैग स्क्रू तकनीक का इस्तेमाल किया गया। वहीं, लॉन्ग-एक्टिंग बुपीवाकेन से नर्व ब्लॉक देकर जबड़े को सटीक तरीके से जोड़ा गया। सर्जरी दंत रोग विभागाध्यक्ष एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन प्रो. डॉ. अमित शाह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकुर जोशी और सीनियर रेजिडेंट डॉ. विदिशा पुनेठा की टीम ने ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से की। मेडिकल कॉलेज की डीन एवं प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है।
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मरीज गले में गांठ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन शर्मा की ओर से की गई बायोप्सी के दौरान जबड़े के पुराने फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक गले में मौजूद बड़ी गांठ के कारण मुंह या नाक के रास्ते इंट्यूबेशन करने में गंभीर जटिलता का खतरा था। इसे देखते हुए ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम को बैकअप में रखते हुए लोकल एनेस्थीसिया में सर्जरी करने का निर्णय लिया गया।
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ऑपरेशन के दौरान समय कम करने और सटीकता बनाए रखने के लिए लैग स्क्रू तकनीक का इस्तेमाल किया गया। वहीं, लॉन्ग-एक्टिंग बुपीवाकेन से नर्व ब्लॉक देकर जबड़े को सटीक तरीके से जोड़ा गया। सर्जरी दंत रोग विभागाध्यक्ष एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन प्रो. डॉ. अमित शाह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकुर जोशी और सीनियर रेजिडेंट डॉ. विदिशा पुनेठा की टीम ने ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से की। मेडिकल कॉलेज की डीन एवं प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है।
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