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बेटियां लिख भेंजे अपनी सफलता की कहानी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Apr 2015 07:05 PM IST
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बेटियों को शिक्षित बनाने के लिए समाज को जागरूक करना जरूरी है। इस दिशा में अमर उजाला ने एक और पहल की है।
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अमर उजाला बेटियों की सफलता की कहानी को समाज के उस तबके तक पहुंचाएगा, जहां अभी भी बेटी के प्रति नजरिया संकीर्ण है। आखिर बेटी ही कई पीढ़ियों को शिक्षित करती है।
तो इंतजार किस बात का...। आप चाहे स्कूल में पढ़ रही हों या कॉलेज में, आप बताइए हमें अपनी सफलता की कहानी। बताइए कि किस तरह शिक्षा ने आपका जीवन बदल दिया।
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किस तरह आपकी अपनी सोच बदली, किस तरह लोगों का आपको देखने का नजरिया बदला और किस तरह आपके प्रति परिवार और समाज का नजरिया बदला। अगर आपको अपनी शिक्षा की राह में कोई दिक्कत आई हो और आपने इसके लिए संघर्ष किया हो तो उसका जिक्र करना भी न भूलें।
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स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहीं सभी छात्राओं के लिए है मौका
18 अप्रैल तक भेजें एंट्री
आप अपनी एंट्री 18 अप्रैल तक भेज सकती हैं। केवल 700 शब्दों में अपनी कहानी बताइए। अगर आपकी उपलब्धियों का कोई ब्योरा हो तो उसकी सूची भी साथ भेज दीजिए।
प्रविष्टियां होंगी प्रकाशित
एंट्री आने के बाद अमर उजाला सबसे अच्छी प्रविष्टियों को 20 से 30 अप्रैल के बीच में प्रकाशित करेगा।
यहां भेज सकते हैं अपनी प्रविष्टि
मेरी सफलता की कहानी, संपादक अमर उजाला, शेड नंबर 2, औद्योगिक क्षेत्र, पटेलनगर, देहरादून।