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Dehradun News: कुर्सी-मेज का इंतजाम करने में गुजर रहा छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का समय
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हरबर्टपुर के फतेहपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में एक कमरे में 84 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। यहां मात्र 13 कमरे हैं, जिसमें 1093 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। यहीं नहीं उनके बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से कुर्सी-मेज का इंतजाम करने में काफी समय गुजर जाता है।
राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के मामले में मुख्य माना जाता है। एकमात्र इंटर कॉलेज होने के कारण छात्र-छात्राओं का विद्यालय पर दबाव भी अत्यधिक रहता है। मौजूदा समय में विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में 551 छात्र व 542 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं की इस बड़ी संख्या को बैठाने के लिए विद्यालय के पास मात्र 13 कक्षाएं हैं। पर्याप्त संख्या में फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से एक कक्षा में 35 छात्रों के मानक का भी ध्यान नहीं रखा जाता है। स्थिति यह है कि प्रार्थना समाप्त होने के तुरंत बाद छात्र-छात्राओं के बैठाने के लिए कुर्सी-मेज का इंतजाम करने की शुरू होने वाली जद्दोजहद में दो घंटे निकल जाते हैं। कुर्सी-मेज को आपस में सटाकर छात्रों को बैठने का इंतजाम किया जाता है। अभिभावक राजेंद्र सिंह, अमर सिंह, सुरेंद्र कुमार, दिलशाद अली का कहना है कि क्षेत्र में दूसरा इंटर कॉलेज नहीं होने व विद्यालय में शिक्षकों की पढ़ाई व अनुशासन के मामले में गंभीरता को देखते हुए कम संसाधनों के बीच बच्चों को शिक्षा दिलाना मजबूरी है।
लैब व अन्य मामलों में नहीं कमी
कॉलेज में छात्र-छात्राओं को रुचि के हिसाब से गणित, जीव विज्ञान व कला के विषयों में पढ़ाई करने की सुविधा है। इसके लिए विद्यालय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान की लैब के अलावा कक्षा दस तक के विद्यार्थियों के लिए एक लैब, आटोमोबाइल वोकेशनल लैब, वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए टिकरिंग लैब मौजूद हैं। विद्यालय में 21 नियमित व दो अतिथि शिक्षकों के अलावा अन्य व्यवसायिक कोर्स के शिक्षक उपलब्ध हैं।
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विद्यालय के तमाम जरूरी संसाधनों को जुटाने के लिए सिंचाई विभाग से लगभग पांच करोड़ रुपये की धनराशि का एक विस्तृत प्रोजेक्ट बनवाकर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। इसके अलावा कुछ सामाजिक संगठनों से भी शिक्षण सामग्री के लिए सहायता संबंधी पत्र लिखे गए हैं। उम्मीद है शीघ्र ही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। - अवनींद्र बड़थ्वाल, प्रधानाचार्य
इंटर कॉलेज क्षेत्र का प्रमुख विद्यालय है, जिसकी सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है। विद्यालय संबंधी प्रोजेक्ट को वित्तीय अनुमति के लिए शासन को भेजा गया है। - वीपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, विकासनगर
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राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के मामले में मुख्य माना जाता है। एकमात्र इंटर कॉलेज होने के कारण छात्र-छात्राओं का विद्यालय पर दबाव भी अत्यधिक रहता है। मौजूदा समय में विद्यालय की अलग-अलग कक्षाओं में 551 छात्र व 542 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं की इस बड़ी संख्या को बैठाने के लिए विद्यालय के पास मात्र 13 कक्षाएं हैं। पर्याप्त संख्या में फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से एक कक्षा में 35 छात्रों के मानक का भी ध्यान नहीं रखा जाता है। स्थिति यह है कि प्रार्थना समाप्त होने के तुरंत बाद छात्र-छात्राओं के बैठाने के लिए कुर्सी-मेज का इंतजाम करने की शुरू होने वाली जद्दोजहद में दो घंटे निकल जाते हैं। कुर्सी-मेज को आपस में सटाकर छात्रों को बैठने का इंतजाम किया जाता है। अभिभावक राजेंद्र सिंह, अमर सिंह, सुरेंद्र कुमार, दिलशाद अली का कहना है कि क्षेत्र में दूसरा इंटर कॉलेज नहीं होने व विद्यालय में शिक्षकों की पढ़ाई व अनुशासन के मामले में गंभीरता को देखते हुए कम संसाधनों के बीच बच्चों को शिक्षा दिलाना मजबूरी है।
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लैब व अन्य मामलों में नहीं कमी
कॉलेज में छात्र-छात्राओं को रुचि के हिसाब से गणित, जीव विज्ञान व कला के विषयों में पढ़ाई करने की सुविधा है। इसके लिए विद्यालय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान की लैब के अलावा कक्षा दस तक के विद्यार्थियों के लिए एक लैब, आटोमोबाइल वोकेशनल लैब, वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए टिकरिंग लैब मौजूद हैं। विद्यालय में 21 नियमित व दो अतिथि शिक्षकों के अलावा अन्य व्यवसायिक कोर्स के शिक्षक उपलब्ध हैं।
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विद्यालय के तमाम जरूरी संसाधनों को जुटाने के लिए सिंचाई विभाग से लगभग पांच करोड़ रुपये की धनराशि का एक विस्तृत प्रोजेक्ट बनवाकर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। इसके अलावा कुछ सामाजिक संगठनों से भी शिक्षण सामग्री के लिए सहायता संबंधी पत्र लिखे गए हैं। उम्मीद है शीघ्र ही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। - अवनींद्र बड़थ्वाल, प्रधानाचार्य
इंटर कॉलेज क्षेत्र का प्रमुख विद्यालय है, जिसकी सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है। विद्यालय संबंधी प्रोजेक्ट को वित्तीय अनुमति के लिए शासन को भेजा गया है। - वीपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, विकासनगर