उत्तराखंडः स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने में देहरादून फिसड्डी, जानिए कौन है टॉप पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनवाने में सबसे पीछे वही जिले हैं जहां संसाधन भी हैं और आधार कार्ड के सेंटर चल रहे हैं। इनमें देहरादून, ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार हैं। हरिद्वार में तुलनात्मक रूप से स्कूली बच्चों के सबसे कम कार्ड बने हैं। मिड डे मील के मद्देनजर शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को यह रिपोर्ट भेजी है।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने स्कूलों में मिड डे मील खाने वाले सभी छात्रों का आधार कार्ड जरूरी कर दिया है। स्कूली बच्चों का आधार कार्ड बनाने की आखिरी तिथि 31 अगस्त तय की गई है। इस संबंध में शिक्षा विभाग मिड डे मील पोर्टल पर आंकड़े अपडेट कर रहा है।
इसके साथ ही केंद्र को भी रिपोर्ट भेजी जाती है। शुक्रवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक आधार कार्ड 95 फीसदी नैनीताल, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में बने हैं।
देहरादून में यह आंकड़ा 77 प्रतिशत का है। हरिद्वार में अभी तक 66 फीसदी ही आधार कार्ड बन पाए हैं। केंद्र के निर्देशों के मुताबिक यह आंकड़ा शत-प्रतिशत होना चाहिए। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिलों ने सफाई दी है कि आधार कार्ड बनाने वाली कंपनियों के शिविर न लगाने से दिक्कत हो रही है। कुछ कंपनियों ने शिविर लगाने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन अब ये कंपनियां शिविर लगाने में आनाकानी कर रही हैं।