आईटीबीपी भर्ती के दौरान छिन गया ठेला लगाकर पल रहे परिवार का अकेला सहारा, सीएम से मिलेंगे परिजन
बीती 18 अगस्त को आईटीबीपी में भर्ती होने के लिए आए छात्र सूरज की बहस आईटीबीपी के कर्मियों से हो गई थी। जिसके बाद आईटीबीपी कर्मियों ने उसे लात-घूंसों से उसे पीटा, जिससे सूरज की मौत हो गई थी।
30 अगस्त को मुख्यमंत्री के नगर आगमन पर मृतक सूरज सक्सेना के परिजन सीएम से मिलेंगे। वह सीएम से पुत्र की हत्या की सीबीआई जांच, पुत्री को सरकारी नौकरी व पुलिस द्वारा जाम लगाने के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे को वापस कराने की मांग करेंगे।
आईटीबीपी के तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी से सूरज के परिजन संतुष्ट नहीं है। सूरज के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि पुलिस ने उसके पुत्र की मौत के मामले में न्याय नहीं किया है। हत्याकांड के 11 दिन बाद पुलिस ने आईटीबीपी के केवल तीन कर्मचारियों को ही गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपी अभी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
ठेला लगाकर परिवार की गुजरबसर करते हैं मृतक के पिता
बताया कि 30 अगस्त को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के नानकमत्ता आगमन पर वह परिवार के साथ उनसे मिलेंगे और सूरज को न्याय दिलाने की अपील करेंगे। ओमप्रकाश ने बताया कि वह ठेला लगाकर परिवार की गुजरबसर करते हैं। बेटा सूरज उनका सहारा था लेकिन आईटीबीपी के कर्मचारियों ने वो सहारा छीन लिया। भर्ती दौड़ में चयन के बाद सूरज की हत्या से परिवार गम में डूबा है।
कहा कि सूरज की हत्या से उपजे आक्रोश व सहानुभूति के चलते लोगों ने थाने के आगे सांकेतिक जाम लगाया था। पुलिस ने पांच नामजद सहित दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ जाम का मुकदमा पंजीकृत कर दिया है। वह सीएम से दर्ज मुकदमे को खारिज कराने की मांग करेंगे। मौके पर चाचा फूलचंद सक्सेना, मां वैशाखा, तेज बहादुर, चित्रा, संगीता राय, सपना आदि थे।