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45 फीसदी अंक वाले भी 'टीईटी' के हकदार

Thu, 05 Sep 2013 05:40 PM IST
अमर उजाला, नैनीताल
अमर उजाला, नैनीताल Updated Thu, 05 Sep 2013 05:40 PM IST
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student less than 45 per cent will be able to Tet exam

मायूस होने की जरूरत नहीं है, आपके अंक 45 फीसदी का आंकडा भी नहीं छू पाए और टीईटी में बैठने की इच्छा रखते हैं तो ऐसा मुमकिन है।

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उत्तराखंड हाईकोर्ट की संयुक्त खंडपीठ ने एकलपीठ के 45 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा में बैठने के आदेश को बरकरार रखा है।

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स्पेशल अपील खारिज
हाईकोर्ट की संयुक्त खंडपीठ ने विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की इस संबंध में दायर स्पेशल अपील को खारिज कर दिया है।

बृहस्पतविर को मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

आदेश को चुनौती
विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसने पूर्व में आदेश पारित कर 45 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को टीईटी परीक्षा में बैठने की छूट प्रदान की थी।
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अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने नोटिफिकेशन जारी कर शिक्षक बनने के लिए टीईटी परीक्षा को अनिवार्य करते हुए इसके लिए 50 प्रतिशत अंक की बाध्यता रखी थी।

45 प्रतिशत अंक की बाध्यता
बाद में इसे 45 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर ने टीईटी परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी कर 45 प्रतिशत अंक की बाध्यता रखी।

लेकिन इस 45 प्रतिशत अंक की बाध्यता को राजेश तिवारी और अन्य ने एकलपीठ के समक्ष चुनौती दी थी। जिस पर पूर्व में एकलपीठ ने 45 प्रतिशत से कम अंक पाने वालों को टीईटी परीक्षा में बैठने की छूट प्रदान कर दी थी।

सुनवाई के बाद खारिज
एकलपीठ के इस आदेश को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर ने स्पेशल अपील के जरिये चुनौती दी थी जिसे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।

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