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कॉलेज की लापरवाही से छात्र की दर्दनाक मौत, कॉलेज में बवाल

Sat, 27 Feb 2016 08:19 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 27 Feb 2016 08:19 AM IST
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student death in DBIT dehradun.

देहरादून में प्रेमनगर के डीबीआईटी कॉलेज की लापरवाही से एक छात्र की मौत के बाद नाराज छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर तोड़फोड़ की। कॉलेज में बवाल जारी है और मौके पर भारी फोर्स तैनात है।

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डायरेक्टर जब छात्रों के पास पहुंचे तो छात्र डायरेक्टर से उलझ गए। इसके बाद छात्रों बवाल करते रहे जिस पर पुलिस ने लाठी चार्ज करने की धमकी दी। छात्र की मौत पर बवाल बढ़ता देख कॉलेज प्रशासन ने दो दिन की छुट्टी का एलान किया है।
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उधर शुक्रवार शाम को छात्र की मौत से गुस्साए एनएसयूआई कार्यकर्त्ताओं ने कॉलेज में धरना दिया और कॉलेज प्रबंधन से बात की। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज के चेयरमैन संजय बंसल को स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग से संबंधित प्रार्थना पत्र दिया।
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इधर, छात्र के परिजन पिथौरागढ़ से दून पहुंच चुके हैं। उधर फोन पर दर्शन के पिता भारत सिंह खोलिया निवासी पिथौरागढ़ ने कॉलेज प्रबंधन को बेटे की मौत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार बताया है। साथ ही इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराने की बात भी कही है।

बृहस्पतिवार शाम छह बजे के करीब डीबीआईटी कॉलेज परिसर में क्रिकेट खेल रहा छात्र दर्शन सिंह खोलिया (20) पानी पीने गया। इसी बीच पैर फिसलने से वह कांच के दरवाजे से टकरा गया। इससे टूटे कांच के टुकड़े उसके घुटने और पैर में लगे, जिससे तेजी से ब्लीडिंग शुरू हो गई।

प्रबंधन ने मोबाइल नेटवर्क भी बंद करा दिया

student death in DBIT dehradun.

छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन को बताने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने दर्शन के फस्टएड की व्यवस्था नहीं की। जबकि दो कदम की दूरी पर कॉलेज के भीतर ही फार्मेसी डिपार्टमेंट हैं, जहां से उसे प्राथमिक उपचार मिल सकता था।

इसी बीच प्रबंधन ने मोबाइल नेटवर्क भी बंद करा दिया ताकि मामले की जानकारी बाहर तक नहीं जाए (उस क्षेत्र में मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क कम हैं, इस वजह से कॉलेज ने अपना टॉवर लगवाया है)।

छात्रों के मुताबिक जब 108 नंबर पर फोन करने की कोशिश की तो फोन नहीं लग रहे थे। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा शुरू किया तो कॉलेज की एंबुलेंस के ड्राइवर की तलाश शुरू हुई। इस बीच लगातार खून बहने से दर्शन की हालत खराब होती जा रही थी।

करीब एक घंटे बाद छात्र को पहले प्रेमनगर अस्पताल और फिर वहां से महंत इंदिरेश अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही कॉलेज से आए लोग दर्शन की बॉडी मोर्चरी में रखवाकर चलते बने।
छात्रों के मुताबिक कॉलेज ने हादसे के दौरान मौके पर मौजूद छात्रों को परिसर के बाहर जाने से रोक दिया। इसके पीछे उनकी मंशा मामले की जानकारी बाहर नहीं आने देने की थी।

कॉलेज से सवाल

student death in DBIT dehradun.

- दो कदम पर फार्मेसी डिपार्टमेंट होने के बावजूद छात्र को प्राथमिक उपचार क्यों नहीं दिया गया?
- सरकारी निशुल्क सेवा 108 को फोन क्यों नहीं किया गया, मोबाइल नेटवर्क क्यों बंद कराए गए?

- कॉलेज परिसर में एंबुलेंस है तो उससे क्यों नहीं भेजा गया, अगर ड्राइवर नहीं था तो क्या कॉलेज के किसी कर्मचारी, अधिकारी को वाहन चलाना नहीं आता है?
- बच्चा हॉस्टल में रहता था, ऐसे में कॉलेज की उसके प्रति अतिरिक्त जिम्मेदारी बनती है तो इतनी लापरवाही क्यों बरती गई?

- पढ़ाई और हॉस्पिटेलिटी के नाम पर लाखों की रकम वसूलने के बाद इतनी लापरवाही का जवाबदेह कौन है?

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