वासु हत्याकांड: जिस स्कूल में पढ़ने गया था इकलौता बेटा, उसी स्कूल में ऐसे दफना दिया मासूम का शव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के ऋषिकेश बोर्डिंग स्कूल में हुए वासु हत्याकांड में अंतिम संस्कार को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। पिता झप्पू यादव से 11 मार्च को एक एफिडेविट पर आननफानन में हस्ताक्षर करवाने के बाद वासु के शव को चिल्ड्रन होम अकादमी में दफन कर दिया गया।
इस संदर्भ में झप्पू यादव से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि वह अनपढ़ हैं। बेटियों ने सिर्फ हस्ताक्षर करना सिखा दिया है। उन्हें लिखना पढ़ना नहीं आता। झप्पू यादव के मुताबिक बीते 10 मार्च को वे देहरादून एक शादी में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्हें बेटे के साथ हुई घटना का पता चला तो वे सन्न रह गए।
पोस्टमार्टम के बाद उनके सामने पुलिस और स्कूल प्रबंधन के लोग एक एफिडेविट लेकर आए और हस्ताक्षर करने को कहा। किसी ने यह भी नहीं पूछा कि अंतिम संस्कार किस धार्मिक रीति रिवाज से किया जाए। उनसे बस इतना ही पूछा गया कि क्या अंतिम संस्कार कर दें। पीड़ित परिवार इस घटना की शिकायत भी को बाल संरक्षण आयोग में करेगा।
आयोग ने चिल्ड्रन होम अकादमी के दस्तावेज किए तलब
सोमवार को अल्पसंख्यक आयोग की टीम ने अध्यक्ष आरके जैन के नेतृत्व में अकादमी का दौरा किया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन सहित पुलिस अफसरों के साथ अलग-अलग बैठक की। इस दौरान स्कूल की मान्यता और सोसायटी से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। अध्यक्ष आरके जैन ने बताया कि दस्तावेजों के मुताबिक सीबीएसई से स्कूल की मान्यता 2020 तक है। इसके अलावा भी दस्तावेज मंगवाए गए लेकिन संख्या ज्यादा होने के कारण मौके पर सभी कागजात नहीं देखा जा सका। लिहाजा दस्तावेजों को आयोग के कार्यालय में तलब किया गया है।
आयोग ने स्कूल प्रबंधन को हिदायत दी कि अकादमी की व्यवस्थाएं सुधारें, ताकि भविष्य में किसी तरह की लापरवाही न होने पाए। सुबह करीब 10:30 पर आयोग अध्यक्ष आरके जैन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल चिल्ड्रन होम अकादमी पहुंचा। दल में आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सतीश जैन और सचिव जेएस रावत भी शामिल रहे।
उन्होंने हिदायत दी कि जल्द ही सोसायटी की आपात बोर्ड बैठक की जाए। वासु की हत्या के मामले में जितने भी आरोपी सामने आए हैं उन पर पुलिस और कोर्ट अपना काम कर रही है। इसके अलावा स्कूल अपने भी स्तर से मामले की पड़ताल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके बाद आयोग सदस्यों ने ब्वायज हॉस्टल का भी दौरा किया और बच्चों से संवाद किया।