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GMVN के 36 पर्यटक विश्राम गृहों में लगेंगे एसटीपी
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:59 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के 36 पर्यटक विश्राम गृह (टीआरएच) में एसटीपी लगाए जाएंगे। भविष्य में अन्य टीआरएच भी बिना एसटीपी संचालित नहीं किए जा सकेंगे।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद जीएमवीएन हरकत में आया है। जीएमवीएन को एसटीपी बनाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से 3.49 करोड़ रुपये भी मंजूर हो गए हैं।
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एनजीटी ने गत वर्ष राज्य सरकार को इस बारे में आदेश जारी किए थे। जिसमें गंगा और सहायक नदियों के किनारे स्थित निजी या सरकारी होटल व पर्यटक विश्राम गृहों में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने के निर्देश दिए गए थे।
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जीएमवीएन ने पहले चरण में जून 2013 की आपदा से सर्वाधिक प्रभावित तीन जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में स्थित 36 टीआरएच में एसटीपी लगाने की तैयारी कर ली है। इनमें रुद्रप्रयाग में पांच, चमोली में 16 और उत्तरकाशी जिले के 15 टीआरएच शामिल हैं। इन टीआरएच में एसटीपी निर्माण के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भारतभूमि टीआरएच को करना पड़ा था बंद
एसटीपी न होने के कारण एनजीटी के आदेश पर गत वर्ष जीएमवीएन के ऋषिकेश स्थित भारतभूमि टीआरएच का संचालन रोकना पड़ा था। एसटीपी का निर्माण होने के बाद ही भारतभूमि टीआरएच के ताले खुल पाए थे।
एसटीपी के लिए टेंडर की प्रक्रिया दो महीने में पूरी हो जाएगी। इसके बाद के दो महीने में एसटीपी निर्मित कर दिए जाएंगे। दूसरे चरण में अन्य टीआरएच को भी एसटीपी युक्त किया जाएगा।
- गंभीर सिंह उपमहाप्रबंधक (परियोजना), जीएमवीएन