पढ़ें, स्टिंग 'वार' के पलटवार में क्या बोले CM रावत
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सचिव के स्टिंग ऑपरेशन पर घिरे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि खुद घोटालों से घिरी भाजपा ने यह गिरी हुई हरकत की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने सचिव मोहम्मद शाहिद के खिलाफ आरोप साबित होने तक कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। जिन लोगों ने यह कार्यक्रम प्रायोजित किया है वे पहले स्टिंग की सीडी सौंपें। इस सीडी की फारेंसिक जांच कराई जाएगी।
यदि दोष साबित हुआ तो कार्रवाई होगी, अन्यथा शरारत करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के आरोप को भी खारिज कर दिया। बुधवार को दिन भर मीडिया में चली इस खबर के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आनन फानन में पत्रकार वार्ता बुलाई। उन्होंने कहा कि इस सारी साजिश के पीछे भाजपा है।
'तथ्य महत्वपूर्ण होते हैं न कि बयानबाजी'
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि भाजपा का दामन पूरी तरह दागदार है, इसलिए यह शरारत की गई। हरीश रावत ने कहा कि सीडी कब की है, किसकी आवाज है, इन सारी बातों का प्रमाणीकरण तो होना ही चाहिए।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेसवार्ता के जवाब में रावत ने कहा कि भाजपा नेत्री ने कहा कि आबकारी नीति को बदलकर शराब का कारोबार सरकारी सेक्टर से छीनकर निजी हाथों में दे दिया गया।
जबकि मीडिया और विपक्षी दल भाजपा भी गवाह है कि शराब का कारोबार हमने निजी हाथों से लेकर सरकारी सेक्टर को दिया है। इसलिए सीतारमण को बोलने से पहले अध्ययन कर लेना चाहिए था।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्रवाई करने वाले बयान पर सीएम ने कहा कि तथ्य महत्वपूर्ण होते हैं न कि बयानबाजी। सीएम ने कहा कि मैं इस सीडी के मामले में किसी भी व्यक्ति को आमंत्रित करता हूं, वह सीडी पेश करे और फारेंसिक जांच कराए।