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हड़ताल के बाद दो घंटे अतिरिक्त काम का दावा हवा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Nov 2013 01:49 PM IST
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देहरादून में राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद की हड़ताल भले खत्म हो चुकी हो, लेकिन इसकी खुमारी अब भी कर्मचारियों पर तारी है।
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कर्मचारी कार्यालयों से नदारद
शायद यही वजह रही कि हड़ताल के बाद दो घंटे अतिरिक्त (कार्यालय समय से एक घंटा पहले और एक घंटा बाद तक) दफ्तरों में जमे रहने का संकल्प लेने वाले कर्मचारी गुरुवार को कार्यालयों से नदारद रहे।
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अमर उजाला ने पड़ताल की तो मालूम हुआ कि हालात अब भी हड़ताल जैसे ही हैं। आलम यह था कि सुबह दस बजे कार्यालय खुलने के आधे घंटे बाद भी दफ्तरों में कुर्सियां खुद पर बैठने वालों की बाट जोह रही थीं।
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प्रमाणपत्र बनवाने और अन्य कामों से पहुंचे लोग ‘बाबू साहेब’ के इंतजार में टकते रहे और घंटों परेशान होने के बाद फिर अगले दिन आने के लिए लौट गए। दूसरी ओर, जिन दफ्तरों में दो-चार कर्मी नजर भी आए, वे पांच बजते-बजते सामान समेट निकल गए।
तहसील में नजर नहीं आया कोई कर्मचारी
हर्रावाला निवासी सुमित तहसील में भटक रहे थे। फौज में भर्ती के लिए उन्हें अविवाहित प्रमाणपत्र बनवाना था, लेकिन तहसील में कोई कर्मचारी नजर नहीं आया। सुमित ने बताया कि पहले ही 15 दिन की हड़ताल से प्रमाणपत्र बनाने में देरी हो चुकी है। अब भी नहीं बना तो नौकरी पर संकट बन जाएगा। समझ नहीं आ रहा, क्या करेें।
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हरिपुर नवादा निवासी शहनाज को पहचान पत्र बनवाना था। उसकी नौकरी लगी है और दस नवंबर तक चंडीगढ़ जाना है। पहचान पत्र नहीं बना तो दिक्कत हो जाएगी। पिता-बड़े भाई का देहांत हो चुका है, लिहाजा वह रिश्तेदार के साथ आई थी। लेकिन घंटों कचहरी में भटकने के बावजूद उसे कोई कर्मचारी नहीं मिला तो वह परेशान घर लौट गई।
टाइम लाइन
सुबह 10:30 बजे
अमर उजाला तहसील पहुंचा। कर्मचारियों ने एक घंटे पहले आने की बात कही थी, यानी उन्हें नौ बजे दफ्तर पहुंच जाना चाहिए था। लेकिन, यहां इक्का-दुक्का कर्मचारी दिखे। लोग भटक रहे थे।
सुबह 11:00 बजे
संग्रह अमीन और लेखपाल कक्ष में फर्नीचर पर गर्द जमा थी। एक-दो कमरों में कुछ कर्मचारी दिखे, लेकिन वे काम में नहीं, कुर्सियों का गोल घेरा बनाकर बतियाने में मशगूल नजर आए।
सुबह 11:00 बजे
मुख्य कृषि निदेशालय में न तो मुख्य कृषि अधिकारी मौजूद थे, न ही अपर जिला कृषि अधिकारी। सहायक कृषि अधिकारी अभिलाषा भट्ट, अपर सहायक अभियंता शैलेंद्र चौहान जरूर कुर्सी पर नजर आए, लेकिन कई अन्य कर्मी-अधिकारी गायब थे। एक कर्मचारी रणवीर सिंह अवकाश पर बताए गए।
सुबह 11:15 बजे
अपर तहसीलदार, नायब तहसीलदार कार्यालय खाली थे। कुर्सियों से धूल तक साफ नहीं हुई थी। अपर तहसीलदार के बगल के कार्यालय में बैठी महिलाओं ने कहा अभी दफ्तर खुला है, धीरे-धीरे सब आ जाएंगे।
सुबह 11:30 बजे
जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में कुछ कर्मचारी, अधिकारी मौजूद थे लेकिन वे हड़ताल की चर्चा करते रहे। दो घंटे अतिरिक्त काम तो दूर, उन्होंने तय समय में भी पूरा काम नहीं किया।
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