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डीएनए लैब में स्टाफ और उपकरण बढ़ेंगे

Thu, 29 Oct 2020 12:42 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 12:42 AM IST
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Staff and equipment will increase in DNA lab
देहरादून। प्रदेश की डीएनए लैब को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वहां पर स्टाफ से लेकर उपकरणों तक को बढ़ाया जाएगा। ताकि, एकमात्र लैब में पेंडेंसी को घटाकर जल्द नतीजे आ सकें और न्यायालय में मुकदमों की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही प्रदेश में दूसरी डीएनए लैब स्थापित करने के लिए भी प्रस्ताव निकट भविष्य में भेजा जा सकता है।
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दरअसल, इस समय प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देहरादून में एकमात्र डीएनए लैब है। यहां पर दो विशेषज्ञ इन जांच को करते हैं। जहां तक प्रत्येक माह वाली जांच की बात है तो इनकी संख्या लगभग 50 से 70 के बीच रहती है। जबकि, हर माह दोनों विशेषज्ञ 40 से ज्यादा जांचों को पूरा कर लेते हैं। वर्तमान में डीएनए जांच की पेंडेंसी लगभग 200 है। इनमें शारीरिक शोषण से संबंधित मामले सबसे ज्यादा हैं। ऐसे में अब यहां के लिए प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ मांगा गया है। यह सभी स्टाफ दूसरी लैब में काम करने वाले और डीएनए की विशेषज्ञता रखने वाले होंगे। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही स्टाफ को बढ़ाकर यहां के लिए उपकरणों की खरीद की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो केंद्र की डीएनए लैब में एक विशेषज्ञ पर हर माह 20 जांच करने की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां पर एक विशेषज्ञ 40 जांच से भी अधिक करता है।
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पॉक्सो के अधिकतर मामलों में बनती है सजा का आधार
डीएनए जांच पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस वैज्ञानिक आधार माना जाता है। यह सबसे ज्यादा मददगार पॉक्सो (बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों) साबित होता है। अभी तक प्रदेश में पॉक्सो कोर्ट स्थापित होने के बाद लगभग 90 फीसदी मामलों में डीएनए जांच ही सजा का आधार बनी है। इसके साथ ही बेगुनाहों को बचाने में भी यह बेहद अकाट्य साक्ष्य होता है।
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रुद्रपुर की लैब पर जल्द हो सकता है फैसला
दअरसल, कुमाऊं क्षेत्र के लिए रुद्रपुर की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए जांच इकाई स्थापित करने की बात कही जा रही है। इस बारे में डायरेक्टर एफएसएल का कहना है कि फिलहाल विभाग का जोर देहरादून की लैब को मजबूत करने का है। इसके बाद नई प्रयोगशाला के लिए भी केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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देहरादून की लैब में व्यवस्थाओं में सुधार किया जाना है। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ की कमी को दूर करने के बाद अन्य खरीद भी की जाएगी। इसके साथ ही एफएसएल की अन्य व्यवस्थाओं को भी तेजी से विकसित और उन्नत किया जा रहा है।
-डीआईजी अमित सिन्हा, डायरेक्टर एफएसएल
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