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Road Safety vehicle: घायलों की मदद और हादसे की जांच के लिए तैनात होंगे विशेष वाहन, मिलेगी ये सुविधा

Mon, 20 Feb 2023 05:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 20 Feb 2023 05:55 PM IST
सार

ज्यादातर सड़क हादसे के बाद एंबुलेंस, पुलिस और बचाव दल को भेजा जाता है। रेस्क्यू के बाद हादसे की जांच की जाती है। कई बार इसमें एक से दो दिन बाद जांच शुरू होती है।

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Road Safety Special  vehicles will be deployed to help the injured and investigate accident
एंबुलेंस - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

सड़क हादसों की सूचना पर एंबुलेंस के साथ ट्रैफिक पुलिस का एक दस्ता भी विशेष वाहनों के साथ मौके पर जाएगा। ये रोड सेफ्टी वाहन होंगे जिनमें घायलों की मदद और हादसे की जांच करने के साधन रहेंगे। इससे बिना समय गंवाए सड़क हादसों के कारणों का पता चल सकेगा।

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ज्यादातर सड़क हादसे के बाद एंबुलेंस, पुलिस और बचाव दल को भेजा जाता है। रेस्क्यू के बाद हादसे की जांच की जाती है। कई बार इसमें एक से दो दिन बाद जांच शुरू होती है। इससे हादसों के असल कारणों का पता लगने में दिक्कत होती है। क्योंकि, अधिकतर साक्ष्य मिट चुके होते हैं। हादसों की तत्काल जांच के लिए यातायात निदेशालय अब विशेष रोड सेफ्टी वाहन तैयार करा रहा है। यातायात निदेशक मुख्तार मोहसिन ने बताया कि शुरुआत में दो वाहन तैयार कराए जा रहे हैं। इनमें एंबुलेंस जैसी सुविधाएं होंगी।
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इनमें यातायात पुलिस की टीम रहेगी। वह घायलों की मदद करने के साथ क्रैश इन्वेस्टिगेशन किट से हादसों की वजह की जांच भी करेगी। इसमें फोरेंसिक साइंस का भी सहारा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाहनों की खरीद के साथ इन्हें अपने हिसाब से बनाने के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इन्हें पहले देहरादून और फिर हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में तैनात किया जाएगा।
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ये उपकरण होंगे वाहनों में
-रेस्क्यू उपकरण जैसे रस्सी, कॉशन टेप, स्ट्रेचर आदि।
-प्राथमिक चिकित्सा के लिए दवाएं और मरहम पट्टी आदि।
-क्रैश इन्वेस्टिगेशन किट।

देहरादून में बनी है क्रैश इन्वेस्टिगेशन सेल
देहरादून में पिछले दिनों क्रैश इन्वेस्टिगेशन सेल का गठन किया गया था। इसमें फोरेंसिक एक्सपर्ट भी हैं। इस सेल में वर्तमान में कई सड़क हादसों की जांच चल रही है। सेल में कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो हादसों की वजह जानने के लिए कई दिशाओं में काम करते हैं।

राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है हादसों में मरने वालों की संख्या
उत्तराखंड में हर साल करीब 5000 सड़क हादसे होते हैं। इनमें तकरीबन एक हजार लोगों की मौत हो जाती है। जबकि, डेढ़ हजार के आसपास घायल होते हैं। यहां प्रति सड़क हादसे में जान गंवाने वालों की औसत संख्या राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। देश में 100 सड़क हादसों में 25 से 30 लोग जान गंवाते हैं। जबकि, देहरादून में इनकी संख्या 40 से 50 तक रहती है। इससे खतरनाक हादसे पहाड़ी क्षेत्रों में होते हैं।

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