सिपाहियों का तनाव कम करेगा ये स्पेशल रेस्ट प्लान
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किसी भी सरकारी विभाग के कर्मचारी को साल में 52 रविवार, 12 द्वितीय शनिवार और करीब 36 सरकारी छुट्टियां। कुल मिलाकर 100 छुट्टियां मिलती हैं। इन 100 दिनों में से एक भी दिन सिपाही को क्यों नहीं मिलता।
इन छुट्टियों को आधार बनाकर एसपी सिटी अजय सिंह ने पुलिसकर्मियों का रेस्ट प्लान तैयार किया है, ताकि मेडिकल चेकअप और पारिवारिक दिक्कतों के लिए प्रत्येक सिपाही को माह में दो या तीन दिन का आराम दिया जा सके।
लागू करने से पहले पुलिस के कामकाज पर असर का आंकलन चल रहा है। बता दें यूपी में आईजी नवनीत सिकेरा ने इससे मिलता जुलता प्रस्ताव दिया था, जो कई साल से लंबित चल रहा है।
पुलिस कर्मियों का तनाव और काम का बोझ लंबे समय से बहस का मुद्दा बना है। सबसे अधिक ड्यूटी करना सिपाही हर किसी के निशाने पर है। मोटा, गैंडा, ठुल्ला आदि उपनाम मिलने के साथ भ्रष्टाचार को लेकर होने वाली आलोचना किसी से छिपी नहीं है।
यूपी पुलिस विभाग में की गई थी अवकाश देने की वकालत
यूपी में आईजी नवनीत सिकेरा ने कई साल पहले यूपी में अन्य दूसरे सरकारी विभाग की तरह की पुलिस कर्मियों को अवकाश दिए जाने की वकालत की थी। बाकायदा छुट्टी का प्रस्ताव यूपी सरकार में लंबित है। तर्क दिया गया था कि श्रम कानून और फैक्ट्रीज एक्ट 1948 के अनुसार किसी भी व्यक्ति से पूरे सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता।
एक दिन में अधिकतम 9 घंटे, जबकि सिपाही रोजमर्रा कम से कम 12 घंटे की ड्यूटी बजाता है। पूरी जिंदगी निकल जाती है, कोई भी त्योहार अपने घर नहीं मना पाते हैं। सिपाहियों के इस दर्द पर देहरादून के पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने कुछ करने की ठानी है।
उन्होंने राजधानी में पुलिस कर्मियों को अवकाश के बजाए रेस्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। हर थाने में कितने सिपाही हैं और किस चक्र से उन्हें अवकाश दिया जा सकता है, उसका पूरा खाका तैयार करा लिया गया। यह रेस्ट मासिक मेडिकल चेकअप और दूसरी पारिवारिक समस्याओं को लेकर दिया जाएगा, ताकि ड्यूटी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारी भी निभा सके।
शहर पुलिस के लिए रेस्ट प्लान पर काम चल रहा है। यह किसी तरह का देय अवकाश नहीं होगा, लेकिन नियमित हेल्थ चेकअप और दूसरी दिक्कतों के लिए रेस्ट दिया जाएगा। जल्द ही आला अफसरों से राय मशविरा करने के बाद उसे लागू किया जाएगा। उम्मीद जताई कि इससे न केवल पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ेगी, अपितु उनका तनाव कम करने में काफी मदद मिलेगी।
- अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर