{"_id":"6909d9d50102c26c150d5eb0","slug":"sparsh-himalaya-festival-2025-in-dehradun-union-law-minister-recites-meera-bhajans-in-lekhak-gauon-2025-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पर्श हिमालय महोत्सव: केंद्रीय कानून मंत्री ने सुनाएं मीरा के भजन, कहा-ये एआई का जमाना, चुनौतियों पर भी लिखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पर्श हिमालय महोत्सव: केंद्रीय कानून मंत्री ने सुनाएं मीरा के भजन, कहा-ये एआई का जमाना, चुनौतियों पर भी लिखें
Tue, 04 Nov 2025 04:24 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट ( देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट ( देहरादून)
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 04 Nov 2025 04:24 PM IST
सार
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने मीरा के प्रभु पीर मिटेगी जब वैद्य सांवरिया होए गाया तो कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
विज्ञापन
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने थानों के लेखक गांव में स्पर्श हिमालय महोत्सव के दूसरे दिन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान में इंडस्ट्री 4.0 का युग है। जिसमें एआई, रोबोटिक्स और थ्री डी प्रिंटिंग आदि भी शामिल हैं। कहा कि लेखकों को एआई की चुनौतियों के बारे में जरूर लिखना चाहिए। थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक से भारत का नया संसद भवन बनाया गया है। जो आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। उन्होंने कार्यक्रम में पूर्व वक्ताओं की मांग पर मीरा के भजन भईरी मैं तो प्रेम दीवानी मेरा दरद न जाने कोई, सूली ऊपर सेज पिया की किस विध मिलना होई।
विज्ञापन
श्रीनगर: बैकुंंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ, सीएम धामी ने वर्चुअल किया उट्घाटन
विज्ञापन
मीरा के प्रभु पीर मिटेगी जब वैद्य सांवरिया होए गाया तो कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33% भागीदारी देने के लिए प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए हैं। जिस पर उन्होंने अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि नारी को वंदन करने का अवसर मोदी ने दिलाया है। बिल को संसद से सर्वसम्मति से पास कराया है। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की निदेशक कमल किशोर पंत, मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन, चिदानंद मुनि, प्रो डीपी सिंह आदि ने भी विचार रखें।
विज्ञापन