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प्लांट की समस्या पर शीघ्र सीएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

Fri, 22 Nov 2019 01:12 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 01:12 AM IST
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Soon the delegation will meet the CM on the problem of the plant
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट के विरोध में धरना-प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : VIKAS NAGAR
शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में क्षेत्रीय लोगों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 41वें दिन भी जारी रहा। लोगों ने प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान निरंजन चौहान, सुरजीत सिंह और संदीप भंडारी अनशन पर बैठे।
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पूर्व सैनिक जन कल्याण समिति के अध्यक्ष निरंजन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार को क्षेत्रीय जनता से कोई सरोकार नहीं है। प्लांट से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोग सांस की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी अब तक क्षेत्रीय लोगों की सुध लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा है। यदि सरकार शीघ्र प्लांट को नहीं हटाती तो लोगों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पडे़गा। इस संबंध में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी वार्ता करेगा।
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प्रदर्शन करने वालों में पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह गुंसाई, भगवान सिंह, दीपक बिष्ट, मोहन सिंह थापा, छबि लाल थापा, अनिल भट्ट, चंदन सिंह, गणेश मेहरा, मकर सिंह नेगी, गणेश रतूड़ी, सूर्य बहादुर राणा, विनोद राणा, एसके थापा, सुलोचना रावत, सपना शर्मा, कमला नेगी, सुमित्रा रावत, लक्ष्मी, मननी देवी रावत, विनीता भंडारी, सुमाली बिष्ट, रेखा भट्ट, सुमित्रा, सुनीता कैंतूरा, बीना आदि मौजूद रहे।
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निजी स्वार्थ को सरकार ने लोगों की जिंदगी को दांव पर लगाया
सेलाकुई । कांग्रेस नेता नेता आर्येंद्र शर्मा ने शीशमबाड़ा प्लांट को लेकर सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने मीडिया में एक बयान जारी कर कहा कि शीशमबाड़ा प्लांट आम जनता के लिए खतरा बन रहा है। प्लांट को लगाने में नियमों को ताक पर रखा गया। मामले में सरकार ने कोर्ट को भी गुमराह करने का काम किया है। आसपास की घनी आबादी को देखते हुए सरकार को प्लांट शुरू नहीं करना चाहिए था, लेकिन सरकार ने चंद लोगों निजी स्वार्थ के लिए लोगों के जीवन को दांव पर लगाने का काम किया है। सरकार को प्लांट के पांच किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण व भूजल की जांच करनी चाहिए।
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