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Dehradun News: कविता लेखन और प्रस्तुतीकरण में सोनिया पहले और कल्पना दूसरे स्थान पर
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संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। सरदार महिपाल राजेंद्र जनजाति पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। जिसके तहत गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी में स्वरचित मौलिक कविता लेखन एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें सोनिया पहले, कल्पना दूसरे और नेहा तीसरे स्थान पर रही।
कार्यक्रम संयोजक पूनम चौहान ने बताया कि हमें अपनी मातृभाषा को उजागर करना चाहिए। जन्म के बाद हमें जो पहली भाषा प्रयोग करते हैं वही हमारी मातृभाषा है। कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व में भाषाओं और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना था। कहा कि भाषा का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है।
डॉ. रश्मि आर्या ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है। यह न केवल हमारे विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया है, बल्कि हमारी परंपराओं, ज्ञान और विरासत को आगे बढ़ाने का साधन भी है। इस मौके पर विज्ञान विभागाध्यक्ष रिंकूदास, शशिकला, श्यामा, रविता, मनीषा, रंजीता आदि उपस्थित रहे।
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साहिया। सरदार महिपाल राजेंद्र जनजाति पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। जिसके तहत गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी में स्वरचित मौलिक कविता लेखन एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें सोनिया पहले, कल्पना दूसरे और नेहा तीसरे स्थान पर रही।
कार्यक्रम संयोजक पूनम चौहान ने बताया कि हमें अपनी मातृभाषा को उजागर करना चाहिए। जन्म के बाद हमें जो पहली भाषा प्रयोग करते हैं वही हमारी मातृभाषा है। कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व में भाषाओं और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना था। कहा कि भाषा का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है।
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डॉ. रश्मि आर्या ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है। यह न केवल हमारे विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया है, बल्कि हमारी परंपराओं, ज्ञान और विरासत को आगे बढ़ाने का साधन भी है। इस मौके पर विज्ञान विभागाध्यक्ष रिंकूदास, शशिकला, श्यामा, रविता, मनीषा, रंजीता आदि उपस्थित रहे।
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