'नतीजे आए नहीं और मोदी खुद को समझ रहे पीएम'
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देशभर की रैलियों में मां-बेटे (सोनिया-राहुल गांधी) को निशाने पर ले रहे भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पलटवार किया।
रविवार को रुड़की के लीथोप्रेस ग्राउंड में हुई रैली में सोनिया ने कहा कि मोदी को सत्ता का बुखार चढ़ गया है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही मोदी खुद को प्रधानमंत्री समझ बैठे हैं। उन्होंने नसीहत दी कि घमंड के रथ पर सवार होकर राजनीति नहीं होती।
सोनिया गांधी नियत समय शाम चार बजे सभास्थल पर पहुंची। 4 बजकर 26 मिनट पर उन्होंने अपना भाषण शुरू किया। करीब 16 मिनट के भाषण में सोनिया ने नरेंद्र मोदी पर अलग-अलग अंदाज में हमला बोला।
शुरुआत में उन्होंने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि भाजपा जैसी पार्टी के कुछ नेता इस हद तक गिर गए हैं कि कहने लगे हैं उन्हें गंगा ने बुलाया है।
हर-हर गंगे के बजाय अपने नाम के नारे लगवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बचाना जरूरी हो गया है।
चुनाव का फैसला जनता करेगी, मोदी नहीं
सोनिया ने कहा कि मोदी को लगता है कि नतीजा आ गया और वह सिंहासन पर बैठ गए है लेकिन एक बात भूल रहे हैं कि चुनाव का फैसला जनता करेगी, मोदी नहीं।
देश की जनता सही रास्ता चुनेगी और वह रास्ता कांग्रेस का रास्ता है। सोनिया ने कहा कि भ्रष्टाचार की बात करने वालों को बताना चाहिए कि गुजरात में दस साल तक क्यों लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ हमने कड़े कदम उठाए हैं। सोनिया ने कहा कि प्रदेश में कुंभ और अन्य योजनाओं के लिए पूर्ववर्ती भाजपा की प्रदेश सरकार को भेजा गया पैसा चंद लोगों की जेबों में गया।
आपदा पर हुईं भावुक, सीएम को दिया निर्देश
सोनिया अपने भाषण में आपदा का जिक्र करना भी नहीं भूलीं। आपदा का जिक्र आते ही सोनिया भावुक हो उठीं। उन्हाेंने कहा कि आपदा की याद आते ही आज भी दुख होता है।
यहां के लोगों ने कैसे आपदा का सामना किया होगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के मार्ग समय से खोल दिए गए हैं।
उन्होंने मंच से ही मुख्यमंत्री हरीश रावत से कहा कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने भी पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्य तेजी से किए जाने का आश्वासन दिया।
सोनिया के इशारे पर छोटा हुआ यशपाल का भाषण
रविवार को आयोजित कांग्रेस की जनसभा के दौरान मंच पर सोनिया गांधी की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने सबसे पहले भाषण की शुरुआत की।
सोनिया गांधी की तारीफ और हरीश रावत के कार्यों का जिक्र करते-करते उनका भाषण लंबा खिंचता चला गया।
इस पर कुछ असहज दिखीं सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री को उंगली से इशारा किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नेता चौधरी राजेंद्र सिंह को इशारा किया और उन्होंने यशपाल आर्य को मैडम के संकेत का अहसास कराया।
तब आर्य ने कुछ ही क्षणों में अपने संबोधन पर विराम लगा दिया।
कांग्रेस ने भीड़ जुटाकर लहर थामने की कोशिश की
हरिद्वार लोकसभा सीट पर हार-जीत का रुख तय करने वाली तीनों रैलियां कई अर्थों में महत्वपूर्ण थी।
माना जा रहा था कि रैली में उमड़ने वाली भीड़ ही सात तारीख के चुनाव की दिशा तय कर देंगी। इसके लिए तीनों पार्टियों के लिए भीड़ जुटाना सबसे बड़ी अगिभन परीक्षा थी।
भाजपा ने नरेंद्र मोदी की लहर पर सवार होकर भीड़ जुटाई तो कांग्रेस ने भीड़ जुटाकर भाजपा की लहर को थामने का संदेश दिया। वहीं बसपा ने मायावती के जादू के भरोसे लोगों को इकट्ठा किया।
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो भीड़ के हिसाब से फिलहाल तीनों रैलियों का निचोड़ बता रहा है कि इस सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला होने जा रहा है।
रुड़की के लीथोप्रैस मैदान पर कांग्रेस, भाजपा और बसपा के राष्ट्रीय नेताओं की रैलियां हुई।
सबसे पहले दो मई को बसपा सुप्रीमो मायावती ने रैली को संबोधित किया। इसके बाद तीन मई को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और फिर चार मई को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का भाषण हुआ।
भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंकी
दो मई को हुई बसपा की रैली में भी भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंकी गई। इसके बाद भाजपा की रैली में नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंचे।
वहीं इस मैदान पर चुनाव की अंतिम रही सोनिया गांधी की रैली में सीएम ने पूरी ताकत झोंक दी और भीड़ जुटाने में कामयाबी हासिल की।
कांग्रेस ने एक तरह से भीड़ जुटाकर भाजपा की लहर को थामने की कोशिश की है।
ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब मुकाबला किसी भी पार्टी के पक्ष में एकतरफा नहीं रह गया है। बल्कि इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को कड़ी टक्कर देगी।