{"_id":"64f4ec4f3e339b82350dec47","slug":"sold-the-mortgaged-property-after-taking-a-loan-of-rs-42-lakh-from-the-finance-company-dehradun-news-c-5-drn1037-236878-2023-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: फाइनेंस कंपनी से 42 लाख रुपये का लोन लेकर बंधक संपत्ति को बेच डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: फाइनेंस कंपनी से 42 लाख रुपये का लोन लेकर बंधक संपत्ति को बेच डाला
विज्ञापन
एक व्यक्ति ने अपने बेटों के साथ मिलकर जमीन गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी से 42 लाख रुपये से अधिक का लोन लिया और फिर इस संपत्ति को धोखाधड़ी से बेच दिया। जबकि, कंपनी का जमीन पर कब्जा है और मूल रजिस्ट्री भी उसी के पास है। आरोपी ने कंपनी के लोन का एक भी रुपया नहीं चुकाया। कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर इस मामले में आरोपी और उसके दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
धोखाधड़ी टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के साथ हुई है। कंपनी के संग्रह प्रबंधक अरविंद चौहान ने इस बाबत एसएसपी को शिकायत की थी। चौहान के मुताबिक हसमुख नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी रहीसन के साथ अपनी जमीन पर लोन लिया था। वर्ष 2018 में कंपनी ने दंपती को दो अलग-अलग लोन दिए। इनमें एक 21.30 लाख रुपये और दूसरा 16.46 लाख रुपये का था। इसके लिए उनकी इस संपत्ति की मूल रजिस्ट्री को कंपनी ने बंधक रखा था। लोन लेने के बाद से उन्होंने एक भी रुपया कंपनी को नहीं चुकाया।
इसके बाद कंपनी ने सरफेसी एक्ट के तहत न्यायालय के आदेश पर इस संपत्ति पर कब्जा ले लिया। अब कंपनी वसूली की तैयारी कर रही थी तो गत 25 नवंबर 2020 को पता चला कि इस संपत्ति को बेच दिया गया है। जानकारी मिली कि हसमुख ने अपने बेटे नदीम और मुकीम के साथ मिलकर फर्जी रजिस्ट्री बनाई और इस जमीन को इस्माइलपुर, बिजनौर निवासी रमजानी के नाम कर दिया। एसएचओ शहर कोतवाली राकेश गुसाईं ने बताया कि इस मामले में हसमुख, नदीम और मुकीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धोखाधड़ी टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के साथ हुई है। कंपनी के संग्रह प्रबंधक अरविंद चौहान ने इस बाबत एसएसपी को शिकायत की थी। चौहान के मुताबिक हसमुख नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी रहीसन के साथ अपनी जमीन पर लोन लिया था। वर्ष 2018 में कंपनी ने दंपती को दो अलग-अलग लोन दिए। इनमें एक 21.30 लाख रुपये और दूसरा 16.46 लाख रुपये का था। इसके लिए उनकी इस संपत्ति की मूल रजिस्ट्री को कंपनी ने बंधक रखा था। लोन लेने के बाद से उन्होंने एक भी रुपया कंपनी को नहीं चुकाया।
विज्ञापन
इसके बाद कंपनी ने सरफेसी एक्ट के तहत न्यायालय के आदेश पर इस संपत्ति पर कब्जा ले लिया। अब कंपनी वसूली की तैयारी कर रही थी तो गत 25 नवंबर 2020 को पता चला कि इस संपत्ति को बेच दिया गया है। जानकारी मिली कि हसमुख ने अपने बेटे नदीम और मुकीम के साथ मिलकर फर्जी रजिस्ट्री बनाई और इस जमीन को इस्माइलपुर, बिजनौर निवासी रमजानी के नाम कर दिया। एसएचओ शहर कोतवाली राकेश गुसाईं ने बताया कि इस मामले में हसमुख, नदीम और मुकीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन