फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Solar project Action will be taken if solar project meter is not installed within seven days Uttarakhand news

Uttarakhand: सात दिन में सोलर परियोजना का मीटर नहीं लगाया तो कार्रवाई, नियमावली के सख्ती से पालन के निर्देश

Thu, 16 Apr 2026 10:54 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 16 Apr 2026 10:54 AM IST
सार

सात दिन में सोलर परियोजना का मीटर नहीं लगाया तो कार्रवाई होगी। यूपीसीएल के सौर, बैटरी स्टोरेज संबंधी नियमावली 2025 का सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए हैं। 

विज्ञापन
Solar project Action will be taken if solar project meter is not installed within seven days Uttarakhand news
सौर ऊर्जा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना पूरी होने के बाद विभाग ने सात दिन के भीतर एनर्जी मीटर न लगाया तो कार्रवाई होगी। यूपीसीएल ने उत्तराखंड विद्युत नियामक के सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) को लेकर जारी 2025 के नियमों का सख्ती से अनुपालन के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी सोलर परियोजनाओं की कॉमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) के भी नए मानक जारी किए गए हैं।

विज्ञापन

यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (कॉमर्शियल) एनएस बिष्ट ने नियामक आयोग की नियमावली के साथ सभी अधिशासी अभियंताओं को कड़ा पत्र भेजा है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि नियमावली का अनुपालन न करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। नियमों के तहत बिजली विभाग की जवाबदेही तय की गई है। अब सौर ऊर्जा परियोजना का आवेदन पूर्ण होने के बाद विभाग को सात दिनों के भीतर एनर्जी मीटर अनिवार्य रूप से स्थापित करना होगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिलना भी जरूरी है।

विज्ञापन

संशोधित नियमों का पालन जरूरी
इसी प्रकार, सोलर प्लांट के चालू होने की तारीख उस दिन को माना जाएगा, जिस दिन मीटर लगने और क्लीयरेंस मिलने के बाद पहली बार ग्रिड में बिजली की सप्लाई शुरू होगी। हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि बिजली सप्लाई शुरू होने के 10 दिनों के भीतर प्लांट को अपनी क्षमता का कम से कम 75 प्रतिशत परफॉर्मेंस रेशियो साबित करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूपीसीएल मुख्यालय को यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ फील्ड यूनिट्स अभी भी अगस्त 2023 के पुराने नियमों के आधार पर काम कर रही हैं। मुख्य अभियंता बिष्ट ने स्पष्ट किया है कि 27 नवंबर 2025 को जारी संशोधित नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

ये भी पढे़ं...Dehradun: ओएनजीसी के रिटायर्ड बुजुर्ग से 1.87 करोड़ रुपये की ठगी, जालसाजों ने निवेश के नाम पर फंसाया

12 वर्ष होगा बैटरी स्टोरेज सिस्टम का जीवनकाल

आयोग ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं। इसके तहत बैटरी स्टोरेज सिस्टम का जीवनकाल 12 वर्ष तय किया गया है, जिसे पांच साल और बढ़ाया जा सकता है। बैटरी प्रोजेक्ट्स के लिए 250 लाख प्रति मेगावाट ऑवर की पूंजीगत लागत तय की गई है। इनके लिए नेट टैरिफ 5.78 प्रति यूनिट निर्धारित है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed