बर्फ से लकदक हुईं मुनस्यारी की ऊंची चोटियां, हिमालय की वादियों में दिख रहा दिसंबर जैसा नजारा
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मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर बुधवार को दूसरे दिन भी हिमपात हुआ। हिमालय की चोटियों पर हिमपात से दिसंबर जैसा नजारा दिख रहा है। हिमपात के कारण क्षेत्र में ठंड बढ़ने लगी है। धारचूला के ऊंचाई वाले इलाकों में बुधवार को तेज बारिश हुई।
मुनस्यारी के पंचाचूली, हंसलिंग, नागनीधूरा, राजरंभा, नामिक, हीरामणि के साथ ही छिपलाकेदार में भी मंगलवार देर रात तक बर्फबारी होती रही। बुधवार को भी बर्फबारी से जहां हिमालयी क्षेत्र का सौंदर्य निखर गया, वहीं निचले इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है।
अक्तूबर की शुरुआत में ही बर्फबारी होने से जाड़ों के सीजन में अधिक बर्फबारी का अनुमान लगाया जा रहा है। बर्फबारी बेहतर हुई तो हिमालय से निकलनी वाली नदियों, रामगंगा, गोरी और महाकाली का जलस्तर भी ठीक रहेगा।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार धारचूला के गर्ब्यांग, नाभीढांग, कालापानी क्षेत्र में बुधवार को तेज बारिश हुई। बारिश से ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बुधवार को जिलेभर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। धारचूला, मुनस्यारी को छोड़कर अन्य इलाकों में बारिश नहीं हुई।
अगस्त से ज्यादा सितंबर में बरसे बदरा
मानसून के बदरा इस बार अगस्त से ज्यादा सितंबर में बरसे। सितंबर में सबसे अधिक बारिश बागेश्वर जिले में हुई, जबकि अगस्त में कुमाऊं के चार जिलों में औसत से कम बारिश हुई।
जून के अंतिम सप्ताह में मानूसन ने दस्तक दी थी। मानसून की बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। अगस्त में मानसून सक्रिय तो रहा मगर बदरा ज्यादा नहीं बरसे, जबकि सावन में बारिश अधिक होती है। अगस्त में अल्मोड़ा और बागेश्वर को छोड़कर अन्य जिलों में बारिश कम हुई। सितंबर में मानसून ने तेजी पकड़ी और झमाझम बारिश हुई।
अगस्त की बारिश (मिमी में)
जिला सामान्य कुल
अल्मोड़ा 263.3 288.9
बागेश्वर 263.3 523.5
चंपावत 405.7 371.7
नैनीताल 437.4 363.8
पिथौरागढ़ 493.5 478.4
यूएसनगर 345.9 245.3
सितंबर की बारिश (मिमी में)
जिला सामान्य कुल
अल्मोड़ा 153.8 155.1
बागेश्वर 153.8 350.8
चंपावत 245.4 313.7
नैनीताल 265.0 291.7
पिथौरागढ़ 253.3 376.1
यूएसनगर 198.7 252.4