उत्तराखंड: बर्फबारी से गंगोत्री-यमुनोत्री और औली मार्ग अभी भी बंद, पर्यटकों के वाहन फंसे
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चटक धूप खिलने के बावजूद यमुनोत्री हाईवे में करीब दो हफ्ते बाद भी यातायात सुचारु नहीं हो सका है, जिससे गीठ पट्टी क्षेत्र के ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है। वहीं, सोनगाढ़ से गंगोत्री तक बर्फ व पाला जमा होने के चलते गंगोत्री हाईवे पर भी जोखिम भरी आवाजाही बनी हुई है।
विगत 21 से 31 जनवरी तक हुई भारी बर्फबारी के चलते गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे सहित जिले के दर्जनों संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए थे। हालांकि बीते दो दिन से खिली धूप के बाद प्रशासन ने सभी संपर्क मार्गों पर तो यातायात बहाल कर दिया, लेकिन यमुनोत्री व गंगोत्री हाईवे पर अभी तक यातायात सुचारु नहीं हो पाया है।
गीठ पट्टी क्षेत्र के विजय पंवार, अमित उनियाल, संजय रावत, रणवीर राणा आदि ने बताया कि प्रशासन द्वारा यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल करने का दावा किया जा रहा है, जबकि बनास गांव से जानकीचट्टी तक सड़क पर पाला जमा होने के कारण अभी भी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है।
औली मोटर मार्ग पर पर्यटकों के वाहन फंसे
खरसाली गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग से भी बर्फ नहीं हटाई गई है। एनएच के ईई नवनीत पांडे ने बताया कि फूलचट्टी तक मार्ग को खोल दिया गया है। उससे आगे कुछ स्थानों पर पाला जमा होने से दिक्कत हो रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार गंगोत्री हाईवे पर भैरोंघाटी तक सड़क से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर लिया गया है। हालांकि सोनगाड़ से भैरोंघाटी के बीच बर्फ और पाले के कारण वाहनों की आवाजाही में सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, जोशीमठ-औली मोटर मार्ग कवांण बैंड से आगे अभी तक भी न खुलने से औली में पर्यटकों के वाहन फंसे हुए हैं। रविवार को भी लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीन के जरिए औली सड़क को खोलने का काम जारी रहा। प्रशासन की पहल पर सोमवार से सेना की मशीनों के जरिए सड़क खोलने का काम शुरु होगा।
केदारनाथ में खिली रही चटक धूप, अब भी 9 फीट बर्फ
केदारनाथ में रविवार को दिनभर चटक धूप खिली रही। धाम में अब भी नौ फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। पुनर्निर्माण कार्य विगत 20 जनवरी से बंद पड़े हुए हैं। धाम में 14 दिन से बिजली सप्लाई भी ठप है।
जिले में रविवार को सुबह से आसमान साफ रहा और दिनभर चटक धूप रही। इस दौरान धाम में अधिकतम तापमान 12.3 और न्यूनतम माइनस 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धाम में मौजूद वुड स्टोन के प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि बर्फबारी के बाद से हालात काफी विकट हो चुके हैं।
पुनर्निर्माण कार्य स्थल बर्फ से ढके हैं, जिससे कार्य करना अभी संभव नहीं है। आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल के पुनर्निर्माण के लिए खुदाई का कार्य अगले दो दिनों में शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
केदारनाथ से गौरीकुंड तक पूरा पैदल मार्ग बर्फ से ढका हुआ है, जिससे आवाजाही ठप है। इधर, बर्फ प्रभावित त्रियुगीनारायण और तोषी गांव में भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। दूसरी तरफ कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग और कालीमठ-चौमासी मोटर मार्ग अब भी बंद हैं।