केदारनाथ और बदरीनाथ में जमकर हुई बर्फबारी, पारा लुढ़का
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बृहस्पतिवार सुबह से रुद्रप्रयाग और चमोली गढ़वाल के ऊंचे स्थानों में जमकर बर्फ गिरी। केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहेब, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी और रामणी टॉप में करीब पांच घंटे बर्फबारी हुई। आसमान में छाए बादलों की सूरज के साथ आंखमिचौली होती रही।
दिन चढ़ने के साथ धाम में मौसम खराब होता रहा और प्रात: 11 बजे से हल्की बर्फबारी होने लगी, जो शाम 5.30 बजे तक होती रही। इस दौरान यात्रा तैयारियों पर भी असर पड़ा। तेज बर्फीली हवा चलने के कारण तापमान पर भी असर पड़ा। धाम में अधिकतम पारा 8 और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इधर,रुद्रप्रयाग सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में दोपहर तक मौसम सुहावना रहा। डेढ़ बजे के दौरान कुछ देर तेज हवाएं चली। लेकिन बाद में मौसम सामान्य हो गया।
यात्रा मार्ग खोलने में बर्फबारी बनी बाधा
चमोली जिले में भी बृहस्पतिवार को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं निचले क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम खराब होने से सेना की 50 सदस्यीय टीम हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू नहीं कर पा रही है। सेना की टीम तीन दिनों से जोशीमठ में डेरा डाले हुए हैं।
बुधवार रात को भी बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम में एक सप्ताह से मौसम पल-पल बदल रहा है। धाम में सुबह चटख धूप खिल रही है तो दोपहर को ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है। शाम को धाम में बर्फीली हवाएं चल रही हैं।