फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   smoke vehicles not throwing.

'धुआं' फेंकने वाले वाहनों की अब खैर नहीं

Thu, 18 Feb 2016 04:47 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 18 Feb 2016 04:47 PM IST
विज्ञापन
smoke vehicles not throwing.

'धुआं' फेंकने वाली गाड़ियों की अब खैर नहीं है। उत्तराखंड में परिवहन विभाग अब मानकों के विपरीत धुआं फेंकने वाली गाड़ियों की फिटनेस के दौरान पुनरीक्षण करवाएगा। मानक के अनुरूप परिणाम नहीं आने पर गाड़ियों की फिटनेस निरस्त कर दी जाएगी।

विज्ञापन


उत्तराखंड परिवहन मुख्यालय सहस्त्रधारा रोड में छह धुआं नियंत्रण मशीनों की खेप पहुंच गई है। जल्द ही आरटीओ संभाग देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, और उपसंभाग कार्यालय रुद्रपुर, रुड़की में ये मशीनें भेजी जाएंगी। देहरादून के आरटीओ सुधांशु गर्ग ने यह पहल परिवहन मुख्यालय से की थी।
विज्ञापन


अब तक हर साल होते थे कई चालान
परिवहन विभाग के एआरटीओ हर साल कई लाख वाहनों का धुआं स्तर खराब होने के कारण चालान करते आए हैं। दून संभाग में ही पिछले साल का

आंकड़ा देखें तो करीब 1800 कामर्शियल वाहनों के चालान हुए हैं। चालानों में डीएल के बाद धुएं में सबसे ज्यादा चालान दून संभाग में हैं। राज्य के अन्य आरटीओ संभाग में भी प्रदूषण मानकों को लांघने वाले कई हजार चालान होते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


40 रुपये फीस, चालान 1000 का
प्रदूषण की जांच में मात्र 40-50 रुपये का ही खर्च लगता है। अगर इस नियम का उल्लंघन किया गया तो 1000 रुपये से कम का चालान नहीं होता। वहीं, दुबारा इसी के तहत वाहन पकड़े गए तो जुर्माना कई गुना किया जाता है।


धुआं फेंक रहे वाहनों पर कसेगी नकेल
देहरादून में रजिस्टर्ड 787 विक्रम, 270 सिटी बसें और 3200 से अधिक ऑटो विभिन्न रूटों पर चलते हैं। सिटी बसें हर रोज अपने रूट पर 10 बार आती-जाती हैं, जबकि विक्रम 30 चक्कर लगाते हैं। अगर इसका औसत लगाया जाए तो विक्रम करीब 26,000, बसें 2700 बार आती-जाती हैं। ऑटो स्टैंड से कम और सड़क चौराहों से ज्यादा सवारी

लेकर जाते हैं। इन मशीनों के लगने से और इमानदारी से जांच होने पर धुआं फेंकने वालों पर नकेल कसने से दून की वादियों का प्रदूषण कम होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed