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Dehradun News: जंगल में मिला तीन माह से लापता युवक का कंकाल
Mon, 19 Oct 2026 01:50 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:50 AM IST
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आईएसबीटी स्थित आजाद कॉलोनी से तीन माह पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 22 वर्षीय युवक मोहम्मद सारिक का कंकाल किमाड़ी से आगे जंगल में मिला है। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर युवक की पहचान की है। उन्होंने सारिक के साथ रहने वाले दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।जानकारी के अनुसार आजाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद सारिक 17 जुलाई की रात घर से लापता हो गया था। वह निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। 18 जुलाई को स्वजन ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका पता नहीं चल पाया। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर दिया था। तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे।
इसी बीच किमाड़ी से आगे जंगल में करीब सात किलोमीटर अंदर एक कंकाल मिला। मौके पर पहुंचे स्वजन ने वहां मिले कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान मोहम्मद सारिक के रूप में की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिजनों ने मोहम्मद सारिक के साथ रहने वाले दो युवकों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि युवक के लापता होने के पीछे इन दोनों की भूमिका हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में लापता हुआ और उसकी मौत कैसे हुई। पटेलनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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ड्रोन से तलाश में खुला राज
तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद लापता मोहम्मद सारिक की तलाश में परिजन जुटे रहे। शनिवार को ड्रोन से जंगल में तलाश की जा रही थी इसी दौरान युवक की स्कूटी दिखी। यहां से तलाश को नया मोड़ मिल गया। जंगल के अंदर स्कूटी पड़ी होने पर तत्काल लोग नीचे पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गए। कुछ ही दूरी पर कंकाल पड़ा हुआ था। पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद पहचान कराई गई।
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शेयर ट्रेडिंग में घाटा... हत्या या आत्महत्या में उलझी गुत्थी
दो करोड़ रुपये के लेनदेन के सुबूत मिले
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। मोहम्मद सारिक की मौत हत्या है या आत्महत्या, पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, जबकि परिजन दो दोस्तों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। जांच में शेयर ट्रेडिंग से जुड़े करीब दो करोड़ रुपये के लेनदेन के सुबूत मिलने के बाद मामला और उलझ गया है। पुलिस अब लेनदेन, आपसी संबंधों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है।
आईएसबीटी स्थित आजाद कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय मोहम्मद सारिक निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। वह 17 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। करीब तीन माह बाद किमाड़ी से आगे जंगल में उसका कंकाल मिलने से मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस जांच में सामने आए शेयर ट्रेडिंग के लेनदेन को मौत की वजह से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि महज आर्थिक लेनदेन के आधार पर हत्या या आत्महत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती। परिजनों के आरोपों के बीच पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। फुटेज में युवक अकेले जाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि वह किन परिस्थितियों में जंगल तक पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले निष्कर्ष भी मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
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इसी बीच किमाड़ी से आगे जंगल में करीब सात किलोमीटर अंदर एक कंकाल मिला। मौके पर पहुंचे स्वजन ने वहां मिले कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान मोहम्मद सारिक के रूप में की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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परिजनों ने मोहम्मद सारिक के साथ रहने वाले दो युवकों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि युवक के लापता होने के पीछे इन दोनों की भूमिका हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में लापता हुआ और उसकी मौत कैसे हुई। पटेलनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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ड्रोन से तलाश में खुला राज
तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद लापता मोहम्मद सारिक की तलाश में परिजन जुटे रहे। शनिवार को ड्रोन से जंगल में तलाश की जा रही थी इसी दौरान युवक की स्कूटी दिखी। यहां से तलाश को नया मोड़ मिल गया। जंगल के अंदर स्कूटी पड़ी होने पर तत्काल लोग नीचे पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गए। कुछ ही दूरी पर कंकाल पड़ा हुआ था। पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद पहचान कराई गई।
शेयर ट्रेडिंग में घाटा... हत्या या आत्महत्या में उलझी गुत्थी
दो करोड़ रुपये के लेनदेन के सुबूत मिले
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। मोहम्मद सारिक की मौत हत्या है या आत्महत्या, पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, जबकि परिजन दो दोस्तों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। जांच में शेयर ट्रेडिंग से जुड़े करीब दो करोड़ रुपये के लेनदेन के सुबूत मिलने के बाद मामला और उलझ गया है। पुलिस अब लेनदेन, आपसी संबंधों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है।
आईएसबीटी स्थित आजाद कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय मोहम्मद सारिक निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। वह 17 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। करीब तीन माह बाद किमाड़ी से आगे जंगल में उसका कंकाल मिलने से मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस जांच में सामने आए शेयर ट्रेडिंग के लेनदेन को मौत की वजह से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि महज आर्थिक लेनदेन के आधार पर हत्या या आत्महत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती। परिजनों के आरोपों के बीच पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। फुटेज में युवक अकेले जाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम है कि वह किन परिस्थितियों में जंगल तक पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले निष्कर्ष भी मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।