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एसआईटी करेगी धोखाधड़ी में आरोपी एराइज इंडिया की जांच
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देहरादून। लोगों को मोटा ब्याज दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी की आरोपी कंपनी अराइज इंडिया हिमालयन की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। कंपनी पर लोगों से पैसा इन्वेस्ट कराकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। कंपनी के खिलाफ छह मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज किए जा चुके हैं।
लखनऊ से संचालित कंपनी का देहरादून में ऑफिस इंदिरानगर में था। इसके बाद उसने शहर के तमाम इलाकों में अपने दफ्तर खोले और लोगों से पैसा निवेश कराया। कंपनी का दावा था कि वह आठ से 12 प्रतिशत ब्याज एफडी और आरडी पर देगी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही लोगों को पता चला कि कंपनी के कई ऑफिस रातों-रात बंद हो चुके हैं। इस मामले में एक मुकदमा तो गढ़ी कैंट स्थित ऑफिस के मैनेजर ने ही कराया था। इस मुकदमे में कंपनी के सीएमडी नितिन श्रीवास्तव, रीजनल मैनेजर कपिल देव शर्मा व डायरेक्टर अनिरुद्ध तिवारी हैं। इसके साथ ही अलग-अलग थानों में इन अधिकारियों समेत कई पर छह मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। कंपनी ने कहीं ऑफिस लीज पर लिया तो वहां का किराया नहीं चुकाया, कहीं लोगों के पैसे जमा किए, लेकिन उसे अपने खर्चों में ही खर्च कर डाला। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी लोगों से 1.50 करोड़ रुपये से अधिक ठग चुकी है। अब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी का प्रभारी एसपी क्राइम लोकजीत सिंह को बनाया गया है।
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मामला बेहद गंभीर है। एसपी क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस अन्य जगहों से भी लोगों की शिकायतें प्राप्त कर रही है। जांच की समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।
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-अरुण मोहन जोशी, डीआईजी
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लखनऊ से संचालित कंपनी का देहरादून में ऑफिस इंदिरानगर में था। इसके बाद उसने शहर के तमाम इलाकों में अपने दफ्तर खोले और लोगों से पैसा निवेश कराया। कंपनी का दावा था कि वह आठ से 12 प्रतिशत ब्याज एफडी और आरडी पर देगी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही लोगों को पता चला कि कंपनी के कई ऑफिस रातों-रात बंद हो चुके हैं। इस मामले में एक मुकदमा तो गढ़ी कैंट स्थित ऑफिस के मैनेजर ने ही कराया था। इस मुकदमे में कंपनी के सीएमडी नितिन श्रीवास्तव, रीजनल मैनेजर कपिल देव शर्मा व डायरेक्टर अनिरुद्ध तिवारी हैं। इसके साथ ही अलग-अलग थानों में इन अधिकारियों समेत कई पर छह मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। कंपनी ने कहीं ऑफिस लीज पर लिया तो वहां का किराया नहीं चुकाया, कहीं लोगों के पैसे जमा किए, लेकिन उसे अपने खर्चों में ही खर्च कर डाला। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी लोगों से 1.50 करोड़ रुपये से अधिक ठग चुकी है। अब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी का प्रभारी एसपी क्राइम लोकजीत सिंह को बनाया गया है।
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मामला बेहद गंभीर है। एसपी क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस अन्य जगहों से भी लोगों की शिकायतें प्राप्त कर रही है। जांच की समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।
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-अरुण मोहन जोशी, डीआईजी