फर्जी IAS मामलाः केंद्रीय मंत्री के 'पीए' ने किया खुलासा
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केंद्रीय मंत्री के पीए के जरिए आईएएस अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन से मुलाकात के रूबी चौधरी के दावे को उस शख्स ने नकार दिया है, जिसे पीए बताया गया था।
यही नहीं, उसने यह भी कहा है कि वह मंत्री का पीए है ही नहीं। हालांकि, उसने रूबी चौधरी से जान पहचान होने की बात कबूल की है।
मामले के खुलासे के बाद रूबी चौधरी ने दावा किया था कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार के पीए रामअवतार ने उसकी मुलाकात दिल्ली में सौरभ जैन से कराई थी। बाद में रूबी ने यह भी कहा था कि रामअवतार रिश्ते में उसका मामा लगता है। वह उसकी मां का मौसेरा भाई है।
जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को दिल्ली में रामअवतार के बयान दर्ज कर लिए हैं। लेकिन, पूछताछ में रामअवतार ने साफ किया है कि वह मंत्री का पीए नहीं हैं।
उनका यह भी कहना है कि मामले में उनका नाम बेवजह घसीटा जा रहा है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार रामअवतार ने कहा कि वह रूबी को जानते हैं, लेकिन उन्होंने रूबी से सौरभ जैन की मुलाकात कभी नहीं कराई।
जवानों से पूछा, रूबी की एंट्री क्यों नहीं?
एसआईटी ने रूबी के आईएएस अकादमी में रहने के दौरान वहां तैनात रहे आईटीबीपी के सात जवानों के भी बयान दर्ज किए हैं। ये सभी जवान अब बरेली में तैनात हैं। सोमवार को सभी दून पहुंचे। एसआईटी ने उनसे पूछा कि अकादमी में किसके इशारे पर रूबी के आने-जाने की एंट्री रजिस्टर में दर्ज नहीं की जाती थी।
बताया जा रहा है कि कई घंटे चली पूछताछ में एर्सआईटी को कई ठोस सुराग मिले हैं। इससे अकादमी में रूबी को शह देने वाले शख्स पर शिकंजा कस सकता है।
गार्ड के बयान की कापी ली
एसआईटी ने सोमवार को कोर्ट के आदेश पर रूबी चौधरी और एलबीएस अकादमी के सुरक्षा गार्ड देव सिंह द्वारा 164 के तहत (मजिस्ट्रेटी) दिए गए बयानों की कापी प्राप्त कर ली।
रूबी के अकादमी में रहने के दौरान तैनात रहे आईटीबीपी जवानों के साथ एसआईटी ने उस व्यक्ति के भी बयान दर्र्ज कर लिए हैं, जिसे केंद्रीय मंत्री का पीए बताया गया था। एसआईटी की जांच चल रही है। जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उन सबसे पूछताछ की जा रही है।
-बीएस सिद्धू, डीजीपी