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Dehradun News: फर्जी रजिस्ट्री मामले में एसआईटी ने एक और आरोपी गिरफ्तार किया
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IIआरोपी ने माजरा में अपने साथियों के साथ मिलकर 55 बीघा जमीन की कराई थी फर्जी रजिस्ट्री
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Iजमीन बेचने से पहले पकड़ा गया आरोपी, दो साथी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
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फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण में एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 55 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार की थी और बेचने के फिराक में थे। इस प्रकरण में एसआईटी पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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Iदेहरादून में जमीनों के फर्जी रजिस्ट्री का प्रकरण सामने आया था। जिसमें नामी वकील सहित कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय के सहायक महानिरीक्षक निबंधन संदीप श्रीवास्तव की ओर से कोतवाली नगर देहरादून में कई मुकदमे दर्ज कराए हैं। इनमें माजरा स्थित लगभग 55 बीघा जमीन के फर्जी अभिलेख तैयार करने के मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में पुलिस समीर और हुमायूं परवेज को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एक और आरोपी रवि कोहली निवासी ग्राम कुल्हड़पुर तहसील नारायण गढ़ जिला अंबाला हरियाणा का नाम भी सामने आया था। जिसे शनिवार को पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
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Iरवि कोहली ने बताया कि वह पूर्व में परिवार के साथ माजरा में रहता था। वर्ष 2015 में प्रॉपर्टी का काम करने लगा। जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात समीर और हुमायूं परवेज से हुई। उनकी ओर से ऐसी जमीन की तलाश की जाती थी, जिसके मालिक का कोई पता न हो या जिस पर दो पक्षों का विवाद चल रहा हो। उसके बाद सहारनपुर जाकर उक्त जमीन के कागज चेक करते थे और रिकार्ड बदल देते थे। हुमायूं परवेज पैसे देकर रिकॉर्ड बदलवा देता था। माजरा स्थित एक प्रॉपर्टी जो लगभग 10 बीघा के करीब थी, उसके मालिक साधु सिंह की मृत्यु के बाद संपत्ति पर साधू सिंह की पत्नी निरंजन कौर और पुत्री शीतल मंद के बीच सिविल कोर्ट में विवाद चल रहा था। उन्होंने संपत्ति के फर्जी कागज आरोपी रवि कोहली के दादा पिशोरी लाल के नाम पर करने की योजना बनाई। वर्ष 2018 में समीर और हुमायूं परवेज ने सहारनपुर से एक पुराना रिकॉर्ड लेकर एक फर्जी बैनामा सरदार साधू सिंह से आरोपी के दादा पिशोरी लाल के नाम करवाया। सहारनपुर जाकर उसे रिकॉर्ड पर लगा दिया। आरोपी जमीन को बेचने की फिराक में थे।I
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IIआरोपी ने माजरा में अपने साथियों के साथ मिलकर 55 बीघा जमीन की कराई थी फर्जी रजिस्ट्री
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Iजमीन बेचने से पहले पकड़ा गया आरोपी, दो साथी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
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फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण में एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 55 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार की थी और बेचने के फिराक में थे। इस प्रकरण में एसआईटी पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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Iदेहरादून में जमीनों के फर्जी रजिस्ट्री का प्रकरण सामने आया था। जिसमें नामी वकील सहित कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय के सहायक महानिरीक्षक निबंधन संदीप श्रीवास्तव की ओर से कोतवाली नगर देहरादून में कई मुकदमे दर्ज कराए हैं। इनमें माजरा स्थित लगभग 55 बीघा जमीन के फर्जी अभिलेख तैयार करने के मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में पुलिस समीर और हुमायूं परवेज को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एक और आरोपी रवि कोहली निवासी ग्राम कुल्हड़पुर तहसील नारायण गढ़ जिला अंबाला हरियाणा का नाम भी सामने आया था। जिसे शनिवार को पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
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Iरवि कोहली ने बताया कि वह पूर्व में परिवार के साथ माजरा में रहता था। वर्ष 2015 में प्रॉपर्टी का काम करने लगा। जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात समीर और हुमायूं परवेज से हुई। उनकी ओर से ऐसी जमीन की तलाश की जाती थी, जिसके मालिक का कोई पता न हो या जिस पर दो पक्षों का विवाद चल रहा हो। उसके बाद सहारनपुर जाकर उक्त जमीन के कागज चेक करते थे और रिकार्ड बदल देते थे। हुमायूं परवेज पैसे देकर रिकॉर्ड बदलवा देता था। माजरा स्थित एक प्रॉपर्टी जो लगभग 10 बीघा के करीब थी, उसके मालिक साधु सिंह की मृत्यु के बाद संपत्ति पर साधू सिंह की पत्नी निरंजन कौर और पुत्री शीतल मंद के बीच सिविल कोर्ट में विवाद चल रहा था। उन्होंने संपत्ति के फर्जी कागज आरोपी रवि कोहली के दादा पिशोरी लाल के नाम पर करने की योजना बनाई। वर्ष 2018 में समीर और हुमायूं परवेज ने सहारनपुर से एक पुराना रिकॉर्ड लेकर एक फर्जी बैनामा सरदार साधू सिंह से आरोपी के दादा पिशोरी लाल के नाम करवाया। सहारनपुर जाकर उसे रिकॉर्ड पर लगा दिया। आरोपी जमीन को बेचने की फिराक में थे।I
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