फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Siren will sound to alert people in case of a disaster Uttarakhand News

Uttarakhand: आपदा का खतरा मंडराया, सतर्क करने को बजेगा सायरन...यू प्रिपेयर योजना के तहत होगा काम

Thu, 26 Dec 2024 02:52 PM IST
रेनू सकलानी विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 26 Dec 2024 02:52 PM IST
सार

अतिवृष्टि की सूचना देने के लिए मौसम की पूर्व सूचना देने वाली संस्था की सेवा लेने के साथ भुगतान किया जाएगा। विश्व बैंक पोषित यू प्रिपेयर योजना के तहत होगा। इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पूर्व चेतावनी देने के लिए कई संस्थाओं की मदद लेंगे। 

विज्ञापन
Siren will sound to alert people in case of a disaster Uttarakhand News
मीटिंग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) आपदा के खतरे की सूचना प्राप्त करने और उसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आपातकालीन सूचना केंद्र को अपग्रेड कर मल्टी हेजर्ड अर्ली वार्निंग डिसिजन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यहां से संबंधित इलाकों में चेतावनी की सूचना दी जाएगी। इसके लिए जगह- जगह पर सायरन लगाने का काम भी होगा।

विज्ञापन


राज्य प्राकृतिक आपदा से जूझता रहता है। अतिवृष्टि, भूस्खलन, भूधंसाव, बाढ़ से लेकर वनाग्नि की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस साल ही मानसून के बाद से कई लोगों ने जिंदगी को खो दिया और कई लापता हो गए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा होने के बाद बचाव अभियान चलाता है, इसके साथ ही वह खतरे की आशंका की पूर्व सूचना पहले देने की व्यवस्था को लेकर भी काम कर रहा है। इसके तहत यूएसडीएमए में मौजूद आपातकालीन सूचना केंद्र को और अपग्रेड किया जाएगा। इसे मल्टी हेजर्ड अर्ली वार्निंग डिसिजन सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

विज्ञापन

 

कैसे होगा कार्य

यह कार्य विश्व बैंक पोषित यू प्रिपेयर योजना के तहत होगा। इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पूर्व चेतावनी देने के लिए कई संस्थाओं की मदद लेंगे। इसमें अतिवृष्टि की सूचना देने के लिए मौसम की पूर्व सूचना देने वाली संस्था की सेवा लेने के साथ भुगतान किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी सूचना सही है, जिसकी पड़ताल के बाद ही भुगतान होगा। इसी तरह जंगल की आग की सूचना के लिए एफएसआई की सेवा ली जाएगी। इसी तरह अन्य संस्थाओं से भूंकप समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं की सूचना प्राप्त किया जाएगा।

यह सूचना पहले मल्टी हेजर्ड अर्ली वार्निंग डिसिजन सिस्टम में आएगी। यहां पर उसकी सूचनाओं को एनालिसिस कर कर राज्य आपातकालीन सूचना केंद्र में भेजा जाएगा। फिर इस केंद्र से चेतावनी देने का काम होगा।इसकी सूचना देने के लिए सायरन का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जो कि आपातकालीन सूचना केंद्र से जुड़ा होगा। अधिकारियों के अनुसार प्रयास रहेगा कि चेतावनी संबंधी सूचनाओं को ज्यादा स्थानीय स्तर पर दिया जा सके।


ये भी पढ़ें...Uttarakhand News: अब अफसर-कर्मचारी नहीं डाल सकेंगे विवादित पोस्ट, बनने जा रही है सोशल मीडिया आचार संहिता
 

82 लोगों की आपदा में हुई मौत

इस साल आपदा में कई लोगों ने जिंदगी को खाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसाार जून के बाद से राज्य में 82 लोगों की मौत हुई। घटनाओं में 37 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा 28 लोग लापता हैं। इसके अलावा 3326 घरों का आंशिक नुकसान हुआ। 473 को मकानों को काफी नुकसान पहुंचा और 135 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed