एक करोड़ से ज्यादा फॉलोवर्स के सामने गाना चाहता हूं गढ़वाल की गाथा: सुखविंदर
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बॉलीवुड के मशहूर प्ले बैक सिंगर सुखविंदर सिंह गढ़वाल की सुंदरता पर पूरी तरह से फिदा हैं। सोहनी-महिवाल का जिक्र करते हुए सुखविंदर कहते हैं कि यहां की सुंदरता का जिक्र तो सोहनी भी कर चुकी हैं।
अपनी कुछ पंक्तियों में ‘न मैं सोहनी, न गढ़वाली’ कहकर वह पहले ही यहां का मान बढ़ा चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने भी यह लाइन अपने एक गाने में इस्तेमाल की। अब वह अपने एक करोड़ से ज्यादा फॉलोवर्स के सामने गढ़वाल की गाथा गाना चाहते हैं।
एक कार्यक्रम के लिए दून पहुंचे सुखविंदर सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत है। यहां के लोग भी बहुत सीधे होते हैं। यहां की सुंदरता का जिक्र तो सोहनी भी कर चुकी हैं। खुद को नजर से बचाने के लिए वह कहती हैं कि न मैं सोहनी, न गढ़वाली यानी न वो सुंदर हैं और न गढ़वाली हैं।
उन्होंने कहा कि गढ़वाली से मतलब ही खूबसूरती से है। उन्होंने बताया कि वे सोहनी की इन पंक्तियों को ब्लू अंबरेला फिल्म के गाने में इस्तेमाल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के खूबसूरत होने के पीछे वजह है कि वे ग्रीनरी के बीच हैं। यहां प्रदूषण नहीं है।
दून के लोगों के लिए एक गाना डेडिकेट करेंगे
सुक्खी ने कहा कि वह दून आकर ऐसे ही नहीं लौट जाएंगे, बल्कि अपने एक करोड़ 28 लाख फॉलोवर्स को ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से खास संदेश देंगे।
चार बड़े सेलेब्रिटी को इसे टैग करेंगे। हालांकि उन्होंने उनके नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि फेसबुक में लाइव परफॉर्मेंस दिखेगी। दून के लोगों के लिए एक गाना भी डेडिकेट करेंगे। उत्तराखंड के लिए खास संदेश देंगे और उसे पूरी दुनिया के सामने रखेंगे, ताकि लोगों का ध्यान इस खूबसूरत जगह की ओर आकर्षित हो।
नहीं पसंद है रिमिक्स सांग
सुक्खी ने कहा कि पुराने गानों का रिमिक्स करना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है। पुराने कंपोजर का गाना कंपोज कर सिंगर उसमें अपना नाम लगा देते हैं आखिर क्यों? पहले तो यह होना ही नहीं चाहिए यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसमें पुराने सिंगर का नाम भी हो।
उन्होंने कहा कि आज के लोग सफलता के लिए तेजी से भागते हैं, जबकि बदलाव धीरे-धीरे हो तो ही सफलता मिलती है। सुक्खी ने कहा कि टैलेंट स्टाइल को जन्म देता है, न कि स्टाइल टैलेंट को। उन्होंने कहा कि उन्हें सादा जीवन बेहद पसंद है। पहाड़ के लोग सादे होते हैं, इसलिए उन्हें वे बहुत अच्छे लगते हैं।