उत्तराखंडः देश सेवा की डगर पर रानीखेत का एक और लाल शहीद, परिजनों को रो रोकर बुरा हाल
सरना निवासी दलवीर सिंह ने भरे गले से बताया कि उनका 22 वर्षीय पुत्र बृजेश रौतेला 2019 में केआरसी में भर्ती हुआ।
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देश सेवा की डगर पर रानीखेत का एक और लाल शहीद हो गया। ताड़ीखेत के सरना गांव निवासी जवान बृजेश रौतेला दो साल पहले कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। बुधवार को चौकी पर गोला-बारूद पहुंचाकर लौटने के दौरान उनका वाहन खाई में जा गिरा और वह शहीद हो गए। बृजेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद से गांव में मातम पसर गया। लोग सांत्वना देने उनके ताड़ीखेत स्थित आवास पर पहुंच रहे हैं।
सिक्किम में सेना का वाहन खाई में गिरने से कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात काशीपुर निवासी जवान हिमांशु नेगी शहीद हो गए।
सरना निवासी दलवीर सिंह ने भरे गले से बताया कि उनका 22 वर्षीय पुत्र बृजेश रौतेला 2019 में केआरसी में भर्ती हुआ। ट्रेनिंग के बाद वह जम्मू के कुपवाड़ा में तैनात था। इसके बाद उसकी पोस्टिंग असोम के हासिमआरा में हुई। तीन महीने के लिए वह सिक्किम स्थित नाथुलापोस्ट पर तैनात थे।
चौकी पर गोला-बारूद पहुंचाकर लौटते वक्त वाहन दुर्घटना में वह शहीद हो गए। जवान बेटे की मौत की सूचना के बाद मां पुष्पा सुधबुध खो बैठी हैं। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं। बृजेश तीन भाई बहनों में बीच के थे। उनका बड़ा भाई अमित रौतेला दिल्ली में कोचिंग कर रहा है और बहन 11वीं की छात्रा है। शहादत की सूचना मिलते ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
पिता सेना मेडल से हैं सम्मानित
बृजेश के पिता दलवीर सिंह भी कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र की सातवीं बटालियन में तैनात थे। 2004 में सेवानिवृत्त हुए दलवीर को सेना मेडल से भी नवाजा गया है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने ताड़ीखेत में भवन बना लिया और पूरा परिवार अब यहीं रहता है। जवान बेटे की मौत ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया है। बृजेश के निधन से उनके ताऊ सुरेंद्र सिंह रौतेला भी बेहद गमगीन दिखे। (संवाद)
कल पार्थिव शरीर पहुंचने की संभावना
पूर्व सैनिक दलवीर सिंह ने बताया कि बेटे के शहीद होने की सूचना उन्हें बुधवार की देर शाम को मिली। कहा कि शहीद का पार्थिव शरीर तीन जुलाई तक पहुंचने की संभावना है। विधायक करन माहरा, ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, रचना रावत, जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत, डा. प्रमोद नैनवाल, त्रिभुवन फर्त्याल, हेमंत रौतेला आदि ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है।
आखिरी बार भी नहीं सुन पाई बेटे की आवाज
सिपाही बृजेश रौतेला के शहीद होने से उनके घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता पुष्पा रौतेला बेसुध हैं। वह उस घड़ी को कोस रही हैं जब मंगलवार शाम बृजेश का फोन आया था और वह पानी लेने गई थीं। अपने जिगर के टुकड़े से आखिरी बार बात न कर पाने पर वह नियति को कोस-कोस कर बेहोश हो रही हैं।