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फर्जी दस्तावेजों से सिडकुल में बना प्रबंधक, जेल
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 23 Mar 2015 08:27 AM IST
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उत्तराखंड में करीब आठ साल पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिडकुल में परियोजना प्रबंधक के पद पर नियुक्ति पाने वाला शातिर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में फंस गया। महाराष्ट्र पुलिस ने उसे पूना स्थित आवास से गिरफ्तार किया है।
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वर्ष 2007 में सिडकुल के सहायक महाप्रबंधक एनके कोरंगा ने परियोजना प्रबंधक रक्षित जैन के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का मुकदमा थाना डालनवाला में दर्ज कराया था। जैन को उसी साल नियुक्ति दी गई थी।
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फरवरी से सितंबर 2007 तक फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ था। भ्रष्टाचार के करीब 55 से ज्यादा मामलों की विभागीय जांच में यह बात भी सामने आई कि रक्षित जैन ने महाप्रबंधक पद पर फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति पाई थी।
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गिरफ्तारी की भनक लगते ही वह अक्टूबर 2007 में राजपुर रोड स्थित आवास से फरार हो गया था। रक्षित कैंट रोड पर स्थित सिडकुल मुख्यालय में तैनात था।
हाल ही में डीजीपी बीएस सिद्धू के निर्देश पर पुलिस ने फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी का अभियान शुरू किया था। इसी बीच जैन के पूना में होने की सूचना मिली थी। दून पुलिस की सूचना पर महाराष्ट्र पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसे दून लाया जा रहा है।