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Dehradun News: लक्ष्य ने जल्दबाजी में हुई गलतियों को बताया हार की वजह

Mon, 19 Aug 2024 04:27 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 04:27 AM IST
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Shuttler Lakshya Sen created a new record despite losing
Iओलंपियन लक्ष्य सेन को ग्राफिक एरा ने 25 लाख रुपये के पुरस्कार से नवाजाI
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पेरिस ओलंपिक में बैडमिंटन मेंस सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में हारने के बावजूद नया कीर्तिमान रचने वाले शटलर लक्ष्य सेन का रविवार को ग्राफिक एरा में भव्य स्वागत किया गया। लक्ष्य ने हारने की वजह जल्दबाजी में हुई अपनी गलतियों को बताया। कहा कि आने वाले ओलंपिक के लिए उन्होंने अभी से तैयारी कर दी है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि वह ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे।

ग्राफिक एरा की ओर से ओलंपियन लक्ष्य सेन को 25 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने ढोल-नगाड़े की थाप के साथ पुष्पवर्षा कर लक्ष्य का स्वागत किया। लक्ष्य ग्राफिक एरा के एमबीए के छात्र हैं। लक्ष्य सेन ने कहा, सेमीफाइनल की शुरुआत में वह अच्छा खेल रहे थे और उनके जीतने की भी संभावना थी, लेकिन उन्होंने कुछ गलतियां कीं, जिनकी वजह से मैच हाथ से निकल गया। लक्ष्य सेन ने देशभर से मिले प्रेम और शुभकामनाओं के लिए सबका आभार व्यक्त किया। देश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए हर स्तर पर सहयोग देने की पैरवी करते हुए लक्ष्य ने कहा, केवल बड़े मुकाबलों के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे स्तर से सहयोग करना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
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उन्होंने कहा, ओलंपिक खेलों से उन्हें जो अनुभव मिला है, उसका लाभ उन्हें भविष्य में होने वाले मुकाबलों में मिलेगा। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ रहने के लिए घर का खाना खाने की सलाह दी। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा, ओलंपिक खेलों में पहली बार मेन्स सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंच कर इतिहास रचने वाले शटलर लक्ष्य सेन देश और ग्राफिक एरा का गौरव हैं। लक्ष्य सेन ने अपने सामर्थ्य, कौशल और जुनून से पूरे देश के लोगों का दिल जीता है।
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महज 23 साल की उम्र में युवा शटलर ने बैडमिंटन के बड़े से बड़े खिलाड़ियों को मात देने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि इस बार ओलंपिक खेलों में ग्राफिक एरा के पांच छात्र-छात्राएं देश की ओर से खेले। इस मौके पर लक्ष्य की माता निर्मला धीरेंद्र सेन, पिता डीके, उत्तरांचल स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव बीएन मनकोटी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय जसोला आदि मौजूद रहे।






Iलक्ष्य के साथ अभ्यास करना चाहते हैं विक्टरI



सेमीफाइनल मुकाबले में लक्ष्य को हराने वाले डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन लक्ष्य के साथ अभ्यास करना चाहते हैं। मैच के बाद दोनों के बीच हुई बातचीत के बारे में बताते हुए लक्ष्य ने बताया, विक्टर चाहते हैं कि हम दोनों दुबई में बैडमिंटन का अभ्यास करें। इसके अलावा उन्होंने कहा, विक्टर से बहुत कुछ सीखने को मिला।
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