कुष्ठ पीड़ितों के लिए बने कानूनों में संशोधन की जरूरत : श्रीराम नाईक
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उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीराम नाईक ने कहा है कि देश के लाखों कुष्ठ पीड़ितों को यदि और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज की मुख्य धारा में लाना है तो वर्तमान कानूनों मेें संशोधन करने की जरूरत है।
राज्यपाल श्रीराम नाईक ने इस बात पर जोर दिया कि कुष्ठ पीड़ितों के लिए सरकारों के साथ ही समाज के हर तबके के लोगों को बेहद संवेदनशील रवैया अख्तियार करना होगा। राज्यपाल श्रीराम नाईक दिव्य प्रेम सेवा मिशन के 21वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर राज्यपाल ने कुष्ठ पीड़ितों की सेवा के क्षेत्र मे काम करने वाली 21 संस्थाओं के संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्रीराम नाईक ने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों के प्रति दृष्टिकोण बदलने के जरूरत है।
अभी भी कुष्ठ पीड़ितों को लेकर समाज में तमाम सामाजिक भ्रांतियां हैं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों के बच्चों के लिए कानूनों में बदलाव करने के साथ उनके प्रति बेहद संवेदनशीलता अपनानी होगी।
यूपी सरकार की ओर से कुष्ठ पीड़ितों को 2250 रुपये मासिक निर्वाह भत्ता देने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अभी भी देश के कई राज्यों में ऐसे लोगों को बेहद कम भत्ता दिया जा रहा है। कुष्ठ सेवा के क्षेत्र के दिव्य प्रेम सेवा मिशन के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश में अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को सीख लेने की जरूरत हैं।
यूपी के पूर्व मंत्री व विधायक कुंवर रघुराज सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन में बच्चों को शुद्ध सनातन धर्म की शिक्षा दी जा रही है जो सराहनीय पहल है। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से समाज सेवा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है जो उचित नही है। इस मौके पर राज्यपाल समेत सभी अतिथियों ने अमर शहीदों को नमन करने के साथ ही परिसर में पीपल व बरगद के पौधे भी लगाए।