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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Shri Jhanda Ji Mela: Sangat reaching Doon from country and abroad, Darbar Sahib covers history of 346 years, mural paintings have become the center of attraction

श्री झंडा जी मेला: देश-विदेश से दून पहुंच रहीं संगतें, दरबार साहिब में 346 वर्षों के इतिहास को समेटे भित्ती चित्र बने हैं आकर्षण का केंद्र

Sat, 19 Mar 2022 02:06 PM IST
रेनू सकलानी न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 19 Mar 2022 02:06 PM IST
सार

बीते कुछ महीनों से भित्ती चित्रों को संरक्षित करने के लिए एक विशेष टीम श्री दरबार साहिब में काम कर रही है। इस वर्ष श्री झंडे जी मेले के आयोजन में पहुंच रही संगत इन भित्ती चित्रों की खूबसूरती एवं आकर्षक स्वरूप से रूबरू होंगी।

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Shri Jhanda Ji Mela: Sangat reaching Doon from country and abroad, Darbar Sahib covers history of 346 years, mural paintings have become the center of attraction
श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने भित्ती चित्रों की सजावट और रंग भरने के कार्य में स्वयं सेवा दी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री झंडा जी मेला आयोजन में शामिल होने के लिए देश-विदेश से दून पहुंच रहीं संगतों के स्वागत के लिए श्री दरबार साहिब की दीवारों पर आकर्षक पोस्टर बनाए गए हैं। वहीं श्री झंडे जी मेले के लिए श्री दरबार साहिब में हो रहा रंग-रोगन और दिल को छूने वाली साज-सज्जा आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। चित्रकारी से भित्ती चित्रों के रखरखाव, संरक्षण व उनके संवर्द्धन का संदेश दिया जा रहा है।

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श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने भित्ती चित्रों की सजावट और रंग भरने के कार्य में स्वयं सेवा दी। बीते कुछ महीनों से भित्ती चित्रों को संरक्षित करने के लिए एक विशेष टीम श्री दरबार साहिब में काम कर रही है। इस वर्ष श्री झंडे जी मेले के आयोजन में पहुंच रही संगत इन भित्ती चित्रों की खूबसूरती एवं आकर्षक स्वरूप से रूबरू होंगी।
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इन भित्ती चित्रों को पानी, धूल, प्रदूषण, धूप और मौसम की मार से बचाने के लिए विशेष तकनीक का सुरक्षा आवरण लगाया गया है। शताब्दियों पूर्व बनाए गए इन भित्ती चित्रों के माध्यम से रामायण काल, महाभारत काल, कई भगवानों और देवी-देवताओं के चित्रों, संत समाज के दार्शनिक पक्ष का चित्रण किया गया है। इतिहास के कई कालखंडों को भित्ती चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।

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यह चित्र टिहरी की नथ को जिस स्वरूप में दर्शाया गया है वह अपने आप में पहाड़ की सजीवता को स्पर्श करने वाला संदेश देती है। श्री दरबार साहिब के करीब 346 वर्षों के इतिहास को यह भित्ती चित्र कई उदाहरणों से सजीव करने का काम कर रहे हैं। श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने कहा कि भित्ती चित्रों का संरक्षण एवं संवर्द्धन अहम सब की जिम्मेदारी है।



उन्होंने मेले के दौरान आने वाली संगतों और दूनवासियों का आह्वान किया है कि इन भित्ती चित्रों की सुंदरता को निहारें और इनमें छिपे संदेशों को आत्मसात करें। इतिहास के विद्यार्थी व शोधार्थी इन भित्त चित्रों से जुड़ी महत्वपूर्णं जानकारियां लेकर अपने शोधपत्रों में वर्णित कर सकते हैं।

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