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गुणवत्ता में सुधार के दावे हवाई, स्कूलों में न शिक्षक न प्रिंसिपल
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:14 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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नया शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह हो चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में न शिक्षक हैं न प्रिंसिपल।
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खासकर पहाड़ के दूरदराज के स्कूल खाली हैं। नियमित शिक्षक मिलने तक अस्थायी शिक्षकों के रूप में गेस्ट टीचरों की व्यवस्था की गई, लेकिन उनका मामला भी कानूनी दाव पेंच में उलझने से लटका है। अब स्थिति यह है कि सात सौ स्कूलों में प्रिंसिपल और सैकड़ों स्कूलों में शिक्षकों के छह हजार से अधिक पद खाली होने से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत कई मौकों पर शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर सुधार के लिए जोर देते रहे हैं। उनका कहना है कि यह सुधर जाए तो प्रदेश की तस्वीर बदल जाए, लेकिन शिक्षा में स्थिति इसके उलट है। स्कूलों में नियमित शिक्षक तो दूर अस्थायी शिक्षक भी नहीं मिल पाए हैं। पिथौरागढ़, पौड़ी, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, रुद्र्रप्रयाग, चंपावत आदि जिलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों के सबसे अधिक पद खाली हैं।
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इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एसएस बिष्ट के मुताबिक इंटरमीडिएट कॉलेजों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार और व्यवस्थाएं बनाए रखने में प्रिंसिपल की अहम भूमिका होती है।
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स्कूलों में प्रिंसिपल न होने से शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से रिक्त पदों पर प्रवक्ताओं को प्रभारी प्रिंसिपल बनाया जा रहा है, लेकिन कक्षाओं में पढ़ा रहे प्रवक्ताओं को प्रभारी प्रिंसिपल बनाए जाने से पढ़ाई और प्रभावित होगी।
कब क्या हुआ
प्रदेश में प्रवक्ताओं और एलटी शिक्षकों के छह हजार से अधिक पद खाली हैं, इन पदों पर नियमित शिक्षक न मिलने तक विभाग की ओर से अगस्त 2015 में अस्थायी व्यवस्था के तौर पर गेस्ट टीचरों की तैनाती की गई, लेकिन 31 मार्च 2016 को इन शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं मिला। इसके विरोध में गेस्ट टीचर सड़कों पर उतरे तो 27 मई 2016 को इनकी तैनाती का जीओ जारी किया गया, लेकिन अब इनका मामला कोर्ट में है।
गेस्ट टीचरों के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से पैरवी की जा रही है, विभाग ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा है, मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को है।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा