फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Shortage of experts and scientists in pollution control board

प्रदूषण पर कैसे लगे अंकुश जब वैज्ञानिक, विशेषज्ञ ही नहीं

Thu, 02 Jan 2020 01:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
Shortage of experts and scientists in pollution control board
देहरादून। एक तरफ केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ ही राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) का पूरे देश में प्रदूषण स्तर नियंत्रित करने पर खासा जोर है। इसे लेकर केंद्र की ओर से तमाम योजनाएं भी संचालित हैं। वहीं उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वैज्ञानिकों व तकनीकी विशेषज्ञों की कमी के चलते प्रदूषण नियंत्रण कानूनों को लागू कराने में तमाम दिक्कतें आ रही हैं ।
विज्ञापन

उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीसीबी) के आंकड़ों पर ही नजर डालें तो बोर्ड के पास महज 11 वैज्ञानिकों की टीम है। निर्धारित मानकों के मुताबिक 41 वैज्ञानिकों की जरूरत है। जहां तक तकनीकी विशेषज्ञों का सवाल है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 26 तकनीकी विशेषज्ञों की जगह मात्र 10 तकनीकी विशेषज्ञ ही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वैज्ञानिकों व तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति का अधियाचन सात माह पूर्व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा गया, लेकिन अभी यह मामला फिलहाल अधर में लटका हुआ है ।
विज्ञापन

बता दें, कैग ने भी अपनी सालाना रिपोर्ट में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वैज्ञानिकों व तकनीकी विशेषज्ञों की कमी को लेकर सवाल उठाए हैं। कैग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में राज्य में साल दर साल बढ़ते प्रदूषण को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कई बिंदुओं पर रिपोर्ट भी सौंपी गई है। कैग अधिकारियों ने जब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के समक्ष प्रदूषण कानूनों का अनुपालन नहीं सुनिश्चित कराने की बात उठायी तो अधिकारियों ने ज्यादातर मामलों में यह तर्क देकर बचाव किया कि उनके पास वैज्ञानिक व तकनीकी विशेषज्ञों की कमी है। इसके चलते प्रदूषण कानूनों को लागू कराने व प्रदूषण को नियंत्रित करने में तमाम दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वैज्ञानिकों व तकनीकी विशेषज्ञों की भर्ती को लेकर अधियाचन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सात माह पूर्व भेजा जा चुका है। अभी इस मामले में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। बोर्ड में वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों की भारी कमी है। इसका असर प्रदूषण कानूनों को लागू कराने पर भी पड़ रहा है।
--एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed