फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Sharing of assets between Uttarakhand and Uttar Pradesh

25 फीसदी भूमि हस्तांतरण से आगे बात नहीं बढ़ी

Wed, 07 Dec 2016 10:33 AM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 07 Dec 2016 10:33 AM IST
विज्ञापन
Sharing of assets between Uttarakhand and Uttar Pradesh
court

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर 13813.43 हेक्टेयर भूमि के मामले में राज्य गठन के 16 साल बाद भी 25 फीसदी भूमि हस्तांतरण से आगे बात नहीं बढ़ पाई है।

विज्ञापन


यूपी अपने स्वामित्व वाली उत्तराखंड में मौजूद भूमि का मात्र 25 फीसदी क्षेत्रफल देने को तैयार है। हालांकि सिंचाई विभाग की यूपी के स्वामित्व वाली 41 नहरें और 2213 भवनों को उत्तराखंड को हस्तांतरित करने की सहमति बन चुकी है।
विज्ञापन


दोनों प्रदेशों के उच्चाधिकारियों की कई दौर की बैठकों के बाद आज हरिद्वार में सिंचाई विभाग के अफसरों की बैठक से अब कुछ आस है। दोनो प्रदेशों के अधिकारी सहमति के बाद मौके पर जाकर साइट का सत्यापन करेंगे। नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को परिसंपत्तियों के बंटवारे के संबंध में दायर एक जनहित याचिका पर जल्द से जल्द बंटवारे के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, उत्तराखंड में यूपी के स्वामित्व वाली भूमि को लेकर दोनों प्रदेशों के बीच मामला सुलझ नहीं पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों प्रदेशों के बीच वर्षों बाद भी इस प्रकरण के न सुलझ पाने से सैकड़ों हेक्टेयर भूमि, भवन और नहरों के किनारे अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

केवल हरिद्वार में ही कुंभ मेला क्षेत्र बैरागी कैंप और चंडीघाट के पास 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कब्जे हो चुके हैं। इसके अलावा सुल्तानपुर, बहादराबाद, रुड़की आदि क्षेत्रों में इस भूमि पर कब्जे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हरिद्वार में दो सौ से अधिक हेक्टेयर भूमि पर कब्जे हैं। अपर सचिव पुनर्गठन अतुल कुमार गुप्ता ने बताया कि परिसंपत्तियों के प्रकरण को सुलझाने के लिए विभागीय स्तरों पर बैठकें हो रही हैं।

पुनर्गठन विभाग के पास तब मामले आते हैं, जब प्रकरण दोनों प्रदेशों के बीच सुलझा लिए जाते हैं। प्रकरण को लेकर न सिर्फ वित्त, सिंचाई, पशुपालन, वन विभाग, परिवहन निगम, सहकारी संघ, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की विभागीय स्तर पर बल्कि मुख्य सचिव स्तर की भी कई बैठकें हो चुकी हैं।


पर्यटन विभाग के अंतर्गत हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल के स्वामित्व, पर्यटन और ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली परिसंपत्तियों के हस्तांतरण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

शासन नहीं विभागीय स्तर पर हरिद्वार में दोनों प्रदेशों के अधिकारियों के बीच बैठक होनी है, 25 फीसदी भूमि के मामले में पूर्व में सहमति बन चुकी है।
- आंनद वर्द्धन, सचिव सिंचाई

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed