Navratri 2020 : मां शैलपुत्री के पूजन के साथ शुरू हुए नवरात्र, दो मुहूर्त में ऐसे करें कलश स्थापना
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शारदीय नवरात्र आज से प्रारंभ हो गए हैं। घट स्थापना के साथ ही घरों और मंदिरों में भक्त देवी शक्ति का आह्वान कर रहे हैं। इस बार नवरात्र की एक तिथि कम है। 22 अक्तूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि का पूजन एक ही दिन होगा।
Navratri 2020 : शारदीय नवरात्र आज से, देवभूमि के मंदिरों में लगी भक्तों की लाइन
जिसके बाद 25 अक्तूबर को दशहरा मनाया जाएगा। साथ ही इस बार कलश स्थापना के दो मुहूर्त मिल रहे हैं।
मार्तंड रत्न व ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष आचार्य डॉ. सुनील पैन्यूली ने बताया कि पहला शुभ मुहूर्त शनिवार की सुबह 7:28 बजे से 10:25 बजे तक है जबकि, दूसरा मुहूर्त 11:44 से दोपहर 12:36 तक रहेगा।
ऐसे करें कलश स्थापना
मां दुर्गा को लाल रंग खासा पसंद है, इसलिए मां को लाल रंग का आसन दें। प्रतिपदा के दिन सुबह स्नान के बाद मंदिर की सफाई करें। इसके बाद गणेश जी का नाम लें फिर मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योत जलाएं। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं।
अब एक तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। लोटे के ऊपरी हिस्से में मौली बांधे। अब इस लोटे में पानी भरकर उसमें कुछ बूूंद गंगाजल की डालें। उसमें दूब, सुपारी, इत्र और अक्षत डालें। इसके बाद कलश में आम के पांच पत्ते लगाएं।
अब एक नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर उसे मौली से बांध लें। फिर नारियल को कलश के ऊपर रख दें। इस कलश को मिट्टी के उस पात्र के ठीक बीचों-बीच रख दें, जिसमें जौ बोएं है। कलश स्थापना के साथ ही नवरात्र के नौ व्रत रखने का संकल्प लें।
नवरात्र के दिन और समय
- द्वितीय : 17 अक्तूबर की रात 9.10 से 18 की शाम 5.29 बजे तक, ब्रह्मचारिणी
- तृतीय : 18 अक्तूबर की शाम 5.29 से 19 की दोपहर 2.10 बजे तक, चंद्रघंटा
- चतुर्थी : 19 अक्तूबर की दोपहर 2.10 बजे से 20 की सुबह 11.21 बजे तक, कुष्मांडा
- पंचमी : 20 अक्तूबर की सुबह 11.21 से 21 की सुबह 9.10 बजे तक, स्कंधमाता
- षष्ठी : 21 अक्तूबर की 9.10 बजे से 22 की सुबह 7.41 बजे तक, कात्यायनी
- सप्तमी : 22 अक्तूबर की सुबह 7.41 बजे से 23 की सुबह 6.57 बजे तक, कालरात्रि
- अष्टमी : 23 अक्तूबर की 6.57 से 24 की 6.57 बजे तक, महागौरी
- नवमी : 24 अक्तूबर की सुबह 6.57 बजे के बाद, सिद्धिदात्री