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शंकराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी हुए ब्रह्मलीन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शोकाकुल

Tue, 25 Jun 2019 05:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 25 Jun 2019 05:21 PM IST
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Shankaracharya Mahamandaleshwar Swami Satyamitranand giri died
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी - फोटो : फाइल फोटो

भारत माता मंदिर के संस्थापक निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज का मंगलवार की सुबह देहावसान हो गया। 90 वर्षीय स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज देश के वरिष्ठ संतों में गिने जाते थे।

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आध्यात्म के प्रचार प्रसार के लिए उनकी सेवाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वह राम मंदिर आंदोलन से भी काफी नजदीक से जुड़े हुए थे।
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वहीं सरकार ने बुधवार 26 जून (एक दिन) का राजकीय शोक घोषित किया गया है। बुधवार को प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और कोई भी शासकीय मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जायेंगे।

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देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था

करीब 90 वर्षीय स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। उन्हें पिछले दिनों देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें लगातार वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसके बाद भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं आया। उनके अनुयायी उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिला कर हरिद्वार ले आए थे।

स्वास्थ्य स्थिर रहने की चलते स्वामी जी को उनकी इच्छा के अनुरूप हरिपुर कलां स्थित आश्रम में रखा गया गया। जयराम आश्रम के अधिष्ठाता भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, प्रवक्ता विवेकानंद सरस्वती, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, देवानंद सरस्वती आदि उनकी कुशलक्षेम जानने पहुंचे थे।

...दिल्ली तक खलबली मच गई थी

पिछले साल नवंबर में उन्होंने राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर हरकी पैड़ी पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी। जिससे दिल्ली तक खलबली मच गई थी। सरकार के साथ ही कई संतों ने उन्हें हरिद्वार पहुंचकर आमरण अनशन न करने के लिए मनाने का भरसक प्रयास किया था।

जिस पर उन्होंने अपना अनशन टाल दिया था। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के अनुयायी दुनिया के कोने कोने में हैं। आश्रम के सूत्रों ने बताया कि उनकी पार्थिव देह को बुधवार की शाम चार बजे भारत माता मंदिर के दूसरे आश्रम जनहित ट्रस्ट के परिसर में समाधि दी जाएगी। उनकी अंतिम यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

सीएम ने गहरा दुःख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरी जी महाराज के ब्रह्मलीन होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरी जी महाराज ने पूरे विश्व में ज्ञान, धर्म व आध्यात्म की पताका फहराकर सनातन संस्कृति के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्वामी जी का जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरी जी महाराज सनातन धर्म परंपरा के महान संत थे। सामाजिक व धार्मिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके अनुयायियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया शोक

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के देहावसान के बारे में जानकर अत्यंत दुःख हुआ। उन्होंने अध्यात्म और समाज कल्याण के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। उनके असंख्य श्रद्धालुओं के प्रति में शोक-संवेदना व्यक्त करता हूं।
- रामनाथ कोविन्द, राष्ट्रपति

परम पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के निधन की खबर से बहुत दुःख हुआ। वे सच्चे पथ-प्रदर्शक, गहन तपस्वी होने के साथ ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक थे। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका आशीर्वाद मिला। उनका जीवन हमें नि:स्वार्थ भाव से समाज सेवा की प्रेरणा देता है।
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पद्मभूषण पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह ज्ञान, धर्म, आध्यत्म और सादगी के एक ऐसे प्रतीक थे, जिन्होंने पूरे विश्व में सनातन संस्कृति की पताका फहराई। उन्होंने नर सेवा को नारायण सेवा मान अपना पूरा जीवन जनकल्याण को समर्पित कर दिया। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज मां भारती के एक सच्चे उपासक थे। हरिद्वार का भारत माता मंदिर जिसका परिचायक है। उनके विचार, ज्ञान और दर्शन आने वाली पीढ़ियों को धर्म और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे। मैं उनके अनुयायियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम शांति।
- अमित शाह, गृह मंत्री

संन्यास परंपरा, वैदिक सनातन संस्कृति के शिखरपुरुष, निवृत्त शंकराचार्य पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का शरीर आज पंचतत्व में विलीन हो गया है। उनके महाप्रयाण से सनातन धर्म की अपूर्णीय क्षति हुई है। उन्होंने पूरे विश्व में सनातन धर्म का गौरव स्थापित किया। उनकी मुझ पर गहरी आत्मीयता व अनुग्रह रहा।
- बाबा रामदेव

एक दिव्य युग का अंत, आध्यत्मिक जगत के दैदीप्यमान सूर्य का अवसान, अत्यंत व्यथित हृदय से सूचित कर रहे हैं कि भारत मां के परम आराधक, निवर्तमान जगद्गुरू शंकराचार्य, पद्मभूषण पूज्य गुरुदेव महासमाधि द्वारा पञ्च भौतिक शरीर त्यागकर आत्मस्वरूपस्थ ब्रह्मलीन हो गये हैं।
- स्वामी अवधेशानंद

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