'शंकराचार्य अब नाटकबाजी पर उतर आए'
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगंबर ने कहा कि शंकराचार्य नाटकबाज हैं।
बाबा हठयोगी ने कहा कि स्वरूपानंद सरस्वती, विजयदशमी के दिन साईं समाज की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्राओं का विरोध करने की बात कहे रहे हैं। उनका यह विरोध नाटकबाजी है। जहां तक साईं बाबा के ब्राह्मण होने के बारे में स्वामी गोविंद गिरि के पक्ष का सवाल है वह पूरी तरह सही लगता है।
शनिवार को गरुड़ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता में बाबा हठयोगी ने कहा कि साईं बाबा के खिलाफ बोलते-बोलते शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती नाटकबाजी पर उतर आए हैं। जो लोग साईं बाबा को पूज रहे हैं वह भी हिंदू हैं।
लगातार साईं बाबा के विरुद्ध बोलकर स्वरूपानंद हिंदू धर्म को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। इसे अखाड़ा परिषद और संत समिति स्वीकार नहीं करेगी।
हमारे तथ्य कल्पित नहीं
बाबा हठयोगी ने कहा कि शंकराचार्य ने साईं बाबा को मुस्लिम बताया है। जबकि महाराष्ट्र में जन्मे विख्यात संत स्वामी गोविंद गिरि ने तथ्य प्रस्तुत करते हुए उस परिवार और गांव तक का नाम बताया है जहां साईं बाबा जन्मे थे।
लेकिन उनके मत का खंडन अभी तक शंकराचार्य की ओर से नहीं किया गया। इसके अलावा जहां तक साईं समाज द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्राओं का सवाल है वह साईं भक्तों का अधिकार है।
साईं बाबा को ब्राह्मण कहने के पीछे हमारे तथ्य कल्पित नहीं हैं। साहित्य के अवलोकन से हमें उनके बारे में कई जानकारियां प्राप्त हुई हैं। उन्हें आधार मान कर साईं बाबा हिंदू ही नहीं अपितु ब्राह्मण प्रतीत होते हैं। इसके अलावा उनके सामने यदि कोई साईं बाबा के मुस्लिम होने का पुष्ट प्रमाण सामने लाता है या आता है तो उसे भी वह निसंकोच स्वीकार करेंगे।
- संत गोविंद गिरि, कार्यकारी अध्यक्ष, भारत माता मंदिर एवं परमाध्यक्ष महार्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान पुणे