नशा मुक्ति केंद्र मामला: युवतियों से दुष्कर्म व छेड़खानी का आरोपी गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
गत बृहस्पतिवार को क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के वॉक एंड विन सोबर नाम के नशा मुक्ति केंद्र से चार युवतियां भाग गईं थीं। इस केंद्र का संचालक विद्यादत्त रतूड़ी भी इन युवतियों को खोज रहा था।
विस्तार
देहरादून में नशा मुक्ति केंद्र में युवतियों से दुष्कर्म और छेड़खानी के आरोपी संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह ऋषिकेश के श्यामपुर में छिपा हुआ था। पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गत बृहस्पतिवार को क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के वॉक एंड विन सोबर नाम के नशा मुक्ति केंद्र से चार युवतियां भाग गईं थीं। इस केंद्र का संचालक विद्यादत्त रतूड़ी भी इन युवतियों को खोज रहा था। लेकिन, जैसे ही इनमें से एक को पुलिस ने बरामद किया वह अपना फोन बंद कर भाग निकला। पता चला कि युवतियों में से एक के साथ उसने दुष्कर्म किया और बाकी के साथ छेड़खानी की है। पुलिस ने केंद्र की डायरेक्टर विभा को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन रतूड़ी हाथ नहीं आया था।
नशा मुक्ति केंद्र मामला: तीन और नशा मुक्ति केंद्र शक के दायरे में, जल्द हो सकती हैं बड़ी कार्रवाई
सीओ सदर अनुज कुमार ने बताया कि रतूड़ी की तलाश में उसके घर छिद्दरवाला, पौड़ी आदि में दबिश दी गई। इस बीच पता चला कि वह ऋषिकेश के पास श्यामपुर में छुपा हुआ है। सोमवार सुबह ही उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने पुलिस को सारी बात बताई। वह जानता था कि लड़कियां उसके खिलाफ शिकायत जरूर करेंगी। इसी कारण वह कभी भी ढूंढने के दौरान पुलिस के सामने नहीं आया। विभा ने ही सारी जानकारी पुलिस को दी और वही थाने गई थी।
2018 में खुद हुआ था नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती
आरोपी ने बताया कि उसके पिता एयरफोर्स में कर्मचारी थे। वह परिवार के साथ कानपुर में रहता था। वहीं पर उसे शराब की लत लग गई थी। उसे अजबपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी जान पहचान अच्छी हो गई। विभा भी शराब पीने की आदी थी। ऐसे में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। नशा मुक्ति केंद्र में ही दोनों को स्टाफ तौर पर रख लिया गया। इसके बाद फरवरी 2021 में उन्होंने इस नशा मुक्ति केंद्र की शुरूआत की।
खुद की हैं तीन बेटियां
विद्यादत्त रतूड़ी शादीशुदा है। उसकी तीन बेटियां हैं। इनमें से दो उसकी पत्नी के साथ पौड़ी में रहती हैं। जबकि, एक बेटी अपने दादा के साथ छिद्दरवाला में रहती है। आरोपी को वर्ष 2017 में एक युवती को अगवाह करने के आरोप में टिहरी पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद वह कई महीने जेल में रहा था।
नशा मुक्ति केंद्र में दुष्कर्म मामले में आयोग ने मांगा जवाब
नशा मुक्ति केंद्र से युवतियों के भागने एवं दुष्कर्म की अमर उजाला में प्रकाशित खबर का उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में देहरादून के डीएम और एसएसपी से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह भी पूछा है कि इस प्रकरण में क्या कार्रवाई हुई, इससे आयोग को अवगत कराया जाए।
देहरादून में नशा मुक्ति केंद्र से भागी युवतियों ने केंद्र संचालक पर छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आठ अगस्त को अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका आयोग ने संज्ञान लेते हुए देहरादून पुलिस से मामले में रिपोर्ट मांगी है।
वहीं सचिव समाज कल्याण को दिए आदेश में कहा है कि यह बताया जाए कि नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाने के लिए किस तरह की व्यवस्था है। प्रदेश में कितने सरकारी और निजी नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। केंद्र को स्थापित करने के लिए अनुमति कहां से मिलती है। इन केंद्रों की निगरानी किस विभाग की ओर से की जाती है। विभागों की ओर से कब-कब इन केंद्रों का निरीक्षण किया गया।