फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Seven including former manager sentenced after 16 years in loan scam in dehradun

देहरादून : लोन घोटाले में 16 साल बाद पूर्व मैनेजर समेत सात को सजा, दोषियों में छह फर्म मालिक शामिल 

Wed, 16 Mar 2022 02:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 16 Mar 2022 02:27 AM IST
सार

2004 में 1.34 करोड़ का लोन लिया गया था पीएनबी की मंगलौर शाखा से। सीबीआई विशेष न्यायाधीश शंकर राज की अदालत ने सुनाया फैसला।

विज्ञापन
Seven including former manager sentenced after 16 years in loan scam in dehradun
demo pic - फोटो : pixabay

विस्तार

पीएनबी की शाखा में 1.34 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मुकदमे में पूर्व मैनेजर समेत सात लोगों को सजा सुनाई गई है। सजा सीबीआई विशेष जज शंकर राज की अदालत ने सुनाई है। सीबीआई ने वर्ष 2006 में इस संबंध में आठ मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें से पूर्व मैनेजर को पांच साल सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है, जबकि, फर्म के मालिकों को तीन-तीन साल की सजा और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा है। 

विज्ञापन


सीबीआई के अधिवक्ता अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि मामला 2004 का है। पंजाब नेशनल बैंक की मंगलौर शाखा में अशोक कुमार भारद्वाज मैनेजर के पद तैनात थे। उस वक्त चंद्रिका इंडस्ट्रीज, बालाजी ऑयल, भगवती बेसन मिल, जिंदल होजरी, शिव दाल मिल और मैसर्स न्यू एमपीएस स्पीकर्स नाम की फर्म से लोन के लिए आवेदन किया गया था। उन्हें बैंक ने खादी ग्रामोद्योग प्रायोजित योजना के तहत लोन दिया था।
विज्ञापन


साथ ही दीपक इंटरप्राइजेज और चंद्रिका ट्रेडिंग ने गन्ने की खोई का कारोबार करने के लिए क्रेडिट लिमिट बनवाई थी। वर्ष 2006 में जब वहां राकेश शर्मा नाम के वरिष्ठ मैनेजर पद पर आए तो उन्होंने सारा खेल पकड़ लिया। पता चला कि इन फर्म के मालिकों ने फर्जी तरीके से कागजात जमा किए हुए थे। इसके अलावा तमाम संपत्तियां जो उन्होंने गिरवी रखी हुई थी उनमें भी ज्यादातर फर्जी थीं। यही नहीं कई संपत्तियों का मूल्य बढ़ाया हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई ने जांच की और फर्म मालिक और बैंक अधिकारियों के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें अशोक कुमार भारद्वाज बैंक मैनेजर, रामकिशोर कुकरेती बैंक अधिकारी (ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है), दीपक इंटरप्राइजेज के संचालक सुबोध पंडित (ट्रायल के दौरान मृत्यु हो चुकी है।), चंद्रिका इंडस्ट्रीज की संचालक सुधा पंडित, बालाजी ऑयल के मालिक सुशील कुमार शर्मा, एनपीएस स्पीकर्स के निशांत शर्मा, एक सप्लायर रोशनल अलि, जिंदल होजरी के मुकेश और विपिन कुमार के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे। 

सीबीआई के अधिवक्ता ने बताया कि इनमें से पूर्व मैनेजर अशोक कुमार भारद्वाज निवासी द्वारका, दिल्ली को पांच साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बाकी सभी को तीन-तीन साल की सजा और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ये सभी दोषी खतौली, मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। सीबीआई की ओर से सीनियर पीपी सतीश गर्ग और अमिता शर्मा ने भी पैरवी की थी। 


खुद ही बन गए मालिक और सप्लायर 
दोषियों ने बैंक को चूना लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। इन्होंने ऐसी फर्म बनाई जिसके वह मालिक भी खुद थे और प्रमोटर भी। सप्लायर भी खुद बने। उन्होंने फर्जी बिल प्रस्तुत किए। साथ ही मशीनों की कोटेशन भी खुद ही बनाई। उन्होंने न तो फैक्ट्री लगाई और न ही मशीनें खरीदीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed