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उत्तराखंड में फिर गरमाया दलितों के मंदिर प्रवेश का मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Jun 2016 04:58 AM IST
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मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर कुछ दिनों पहले भीड़ ने सांसद पर हमला बोल दिया था।
- फोटो : फाइल फोटो
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सांसद से मारपीट की घटना के दस दिन बाद जिला प्रशासन ने जौनसार बावर क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि मंदिर प्रवेश पर उपजे विवाद के बढ़ने की आशंका पर यह निर्णय लिया गया है। हालांकि माना यह जा रहा है कि राजनीतिक कारणों से प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है।
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पुनाह पोखरी में नव निर्मित शीलगुर महाराज मंदिर में कथित रूप से दलितों का प्रवेश रोके जाने के विरोध में 20 मई को विवाद की स्थिति बन गई थी। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, आराधना ग्रामीण विकास केंद्र समिति के संरक्षक दौलत कुंवर के नेतृत्व में वहां बिना प्रशासन की अनुमति के परिवर्तन यात्रा निकाली गई। बाद में हुए पथराव में सांसद तरुण विजय और दौलत कुंवर चोटिल हुए।
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क्षेत्र में धारा 144 लागू
प्रशासन को मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, दौलत कुंवर के आंदोलनों से सामान्य जाति के लोगों में यह धारणा बन रही है कि उनके द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए इस क्षेत्र की सामाजिक, धार्मिक मान्यताओं से खिलवाड़ कर वैमनस्यता फैलायी जा रही है। इससे भविष्य में भी विवाद बढ़ने की आशंका है। इसके चलते जौनसार बावर (तहसील त्यूनी, चकराता और कालसी) के संपूर्ण क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू की गई है। विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं कि बिना जिला प्रशासन की अनुमति के दौलत कुंवर जुलूस, यात्रा के साथ किसी मंदिर में प्रवेश नहीं करेंगे।
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डीएम रविनाथ रमन ने बताया कि जौनसार-बावर क्षेत्र में मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध को रोकने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। किसी भी व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश से रोके जाने की आशंका हो तो वह समिति से शिकायत कर सकते हैं।