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उत्तराखंड: छात्राओं को छात्रावास से किया बाहर, बाजार में गुजारनी पड़ी रात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवप्रयाग
Updated Fri, 13 Jul 2018 08:36 PM IST
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में छात्राओं को बिना सूचना के छात्रावास से बाहर करने पर अभिभावकों ने महिला आयोग में शिकायत करने का निर्णय लिया है।
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संस्थान ने बिना सूचना के पांच छात्राओं को छात्रावास से बाहर कर दिया था। जिस पर इन छात्राओं को बाजार में किसी परिचित के यहां रात गुजारनी पड़ी। वहीं संस्कृत संस्थान प्रशासन का कहना है कि संस्थान में महिला छात्रावास की सुविधा नहीं है। पूर्व में छात्राओं को संस्थान ने स्वयं की जिम्मेदारी पर छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई थी। संस्थान को उम्मीद थी कि उन्हें महिला छात्रावास की अनुमति मिल जाएगी। अनुमति न मिलने पर छात्राओं को छात्रावास खाली करने के लिए एक माह पूर्व सूचित कर दिया गया था।
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में शास्त्री तृतीय वर्ष में अध्ययनरत 5 छात्राओं के अभिभावकों नें संस्थान प्रशासन पर छात्रओं को बिना सूचना के छात्रावास से बाहर किए जाने का आरोप लगाया है। अभिभावक दिनेश प्रसाद नौटियाल, भूषण जमूड़ी, मोहन लाल बहुगुणा आदि ने बताया कि उनकी पुत्रियां विगत 2 वर्षों से छात्रावास में रह रही थी। लेकिन पिछले 9 जुलाई को जब शाम करीब 4 बजे छात्राएं अवकाश के बाद संस्थान में पहुंची तो प्राचार्य ने यह कह कर उन्हें छात्रावास से बाहर कर दिया कि उन्हें छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं है।
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छात्राओं के यह कहने पर कि रात को वह कहां रहेंगे, प्राचार्य ने होटल में कमरा लेकर रहने को कहा। अभिभावकों ने बताया कि उनकी बेटियों को उस रात बाजार में किसी परिचित के यहां रहना पड़ा। अभिभावकों ने कहा कि संस्थान ने छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है। इसके खिलाफ महिला आयोग में शिकायत की जाएगी।
वहीं संस्थान के प्राचार्य डी. सुब्बारायडू ने कहा कि संस्थान में महिला छात्रावास की सुविधा नहीं है। पूर्व में संस्थान अपनी जिम्मेदारी पर छात्राओं को छात्रावास सुविधा उपलब्ध करा रहा था। संस्थान को उम्मीद थी कि महिला छात्रावास की अनुमति मिल जाएगी। लेकिन अनुमति नहीं मिली है। जिससे कमेटी ने निर्णय लिया कि छात्राओं का छात्रावास में रखना उचित नहीं है। इस संबंध में छात्राओं को एक माह पूर्व सूचित कर दिया गया था।
दो छात्राओं ने छोड़ा संस्थान
छात्रावास से बाहर किए जाने के बाद दो छात्राओं ने संस्थान छोड़ दिया है। उक्त दोनों छात्राओं ने अन्य संस्थान में प्रवेश ले लिया है। छात्रा प्राची ने बताया कि संस्थान प्रशासन ने उन्हें भी अन्यत्र प्रवेश लेने को कहा। लेकिन वह अन्यत्र प्रवेश लेने में सक्षम नहीं है।