प्रिंसिपल ने डंडा मारकर तोड़ा बच्चे का हाथ
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देहरादून जिले के विकासनगर के एक नामी स्कूल में बेंच टूटने पर प्रिंसिपल को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने सातवीं कक्षा के छात्र का हाथ तोड़ दिया। छात्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। उसके हाथ में प्लास्टर चढ़ाया गया है। प्रिंसिपल ने सातवीं के ही अन्य 16 छात्रों को इतना पीटा उनकी पीठ पर निशान पड़ गए।
छात्रों से मैदान की सफाई भी कराई गई। प्रबंधन के डर से परिजनों ने इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई। स्कूल एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता का होने की वजह से मामले को मैनेज कर लिया गया। हुआ यूं कुछ छात्रों ने शैतानी कर बेंच तोड़ दी। प्रिंसिपल को पता चला कि बेंच सातवीं के छात्रों ने तोड़ी है।
प्रिंसिपल ने बीते शनिवार की सुबह प्रार्थना में कक्षा के सभी 17 छात्रों को रोक लिया। उनकी डंडे से जमकर पिटाई की गई। पिटाई से एक छात्र का हाथ टूट गया। कई छात्रों के पीठ पर निशान पड़ गए। छुट्टी होने के बाद घर पहुंचे छात्रों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी।
दूसरी कक्षाओं के छात्र भी सन्न रह गए
गुस्साए परिजनों ने स्कूल में हंगामा काटा, लेकिन स्कूल एक प्रभावशाली नेता का होने के कारण पीड़ित छात्रों के परिजनों को मैनेज कर दिया गया। नाम न छापने की शर्त पर छात्रों ने बताया पहले तो प्रिंसिपल सर ने डंडे से उनकी पिटाई की, उसके बाद मैदान की सफाई करने को कहा। जिसने काम में सुस्ती दिखाई, उसे लात मारी गई। यह देख दूसरी कक्षाओं के छात्र भी सन्न रह गए।
गालीगलौज पर उतर आए गुरुजी
देहरादून में आयोजित राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक हंगामेदार रही। कुछ पदाधिकारियों ने संघ नेतृत्व पर शिक्षकों की लंबित मांगों को निस्तारित करा पाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया तो दो गुटों में जुबानी जंग शुरू हो गई। इस दौरान गुरुजी अपनी गरिमा भूल गालीगलौज पर उतर आए।
गुस्साए गढ़वाल मंडल पदाधिकारी बैठक से निकल गए। बाद में प्रांतीय अध्यक्ष ने उन्हें समझाया, माफी मांगी तो वे लौट आए। इसके बाद बैठक शुरू हो सकी। रविवार को ननूरखेड़ा स्थित डायट में संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। विभिन्न जिलों से पहुंचे अध्यक्षों एवं मंत्रियों ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है।
शिक्षकों के बीच जमकर गालीगलौज
प्रांतीय बैठक तो बुलाई गई, लेकिन इसका एजेंडा किसी को मालूम नहीं है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के बजाय अफसरों की चापलूसी में जुटे रहते हैं। इस पर बवाल हो गया। प्रांतीय अध्यक्ष करनैल सिंह और समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताई तो दूसरी ओर से भी बहस तेज हो गई।
शिक्षकों के बीच जमकर गालीगलौज हुई। मामला हाथापाई तक जा पहुंचा, लेकिन कुछ शिक्षकों ने बीचबचाव किया। इस बीच मंडलीय पदाधिकारियों के प्रति प्रांतीय अध्यक्ष करनैल सिंह के गलत शब्द का इस्तेमाल करने से खफा गढ़वाल मंडल के पदाधिकारी बाहर निकल गए। उन्होंने सभाकक्ष के बाहर प्रांतीय अध्यक्ष और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
चमोली के जिलाध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, दून के जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित, पौड़ी के जिला मंत्री मेहरबान सिंह भंडारी, रुद्रप्रयाग के जिलाध्यक्ष शिव सिंह नेगी ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व का यही हाल रहा तो वे अलग पर्वतीय शिक्षक संगठन का गठन कर लेंगे। इसके बाद दोनों मंडलों के शिक्षक अलग-अलग बैठक करने लगे।
करीब आधे घंटे तक गहमागहमी के माहौल के बाद प्रांतीय अध्यक्ष करनैल सिंह गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों के पास पहुंचे। बातचीत की और माफी मांग ली। इसके बाद हुई संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि लंबित मांगों पर शिक्षक संघ सोमवार को निदेशालय में धरना देगा।