फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Scholership scam uttarakhand high court decision on Anurag Shankhdhar

छात्रवृत्ति घोटाला: अनुराग शंखधर की गिरफ्तारी पर रोक की मांग खारिज, मंजूनाथ ही करेंगे जांच

Sat, 11 May 2019 09:38 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 11 May 2019 09:38 AM IST
विज्ञापन
Scholership scam uttarakhand high court decision on Anurag Shankhdhar

हाईकोर्ट ने समाज कल्याण विभाग में  के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी अनुराग शंखधर की गिरफ्तारी पर रोक की मांग को खारिज करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में सरकार ने कहा था कि वह मामले की जांच आईपीएस की अध्यक्षता वाली एसआईटी से कराना चाहती है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि दो जिलों के घोटाले की जांच एसआईटी के अध्यक्ष मंजूनाथ ही करेंगे, जो सीधे कोर्ट को रिपोर्ट करेंगे। अन्य जिलों की जांच सरकार चाहे तो संजय गुंज्याल की अध्यक्षता वाली एसआईटी से करा ले। 
विज्ञापन


बाद में सरकार ने पुन: प्रार्थना पत्र देकर सभी जिलों में घोटाले की जांच मंजूनाथ से ही कराने की सहमति मांगी। कोर्ट ने पूरी जांच मंजूनाथ से ही कराए जाने के लिए संशोधन प्रार्थना पत्र पर  सरकार को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और वह इसकी तह तक जाना चाहता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा पूर्व में गठित एसआईटी के अध्यक्ष टीसी मंजूनाथ ने अपने शपथपत्र में कहा कि इस घोटाले के आरोपी अनुराग शंखधर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने अपने संशोधन प्रार्थना पत्र में कहा कि यह मामला पूरे प्रदेश से जुड़ा है, इसलिए सरकार इस मामले की जांच आईपीएस अधिकारी से कराना चाहती है।

इसी से जुड़े मामले में अनुराग शंखधर ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इस पर कोई राहत न देते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने हो कहा। 

राज्य आंदोलनकारी देहरादून निवासी रविन्द्र जुगरान और अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों का छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि 2003 से अब तक विभाग द्वारा करोड़ों रुपयों का घोटाला किया गया है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसे संस्थानों को भी छात्रवृति दी गई, जिनमें विद्यार्थियों के फर्जी प्रवेश थे। याची ने मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की। 2017 में इसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा एसआईटी गठित की गई थी। 3 माह के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा था लेकिन इस पर आगे कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस मामले में सीबीआई जांच की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed