उत्तराखंड: छात्रवृत्ति घोटाले में निलंबित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी गीता राम नौटियाल की सेवा बहाल, मिली नई तैनाती
- समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल बहाल
- छात्रवृत्ति घोटाले में छह माह पहले किया गया था निलंबित
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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले में निलंबित किए गए समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीता राम नौटियाल को बड़ी राहत मिली है। शासन ने उनकी सेवा बहाल कर दी गई है। नौटियाल को छात्रवृत्ति घोटाले में दर्ज एक मुकदमे में जेल भेज दिया गया था।
न्यायालय से जमानत पर रिहा नौटियाल को छह महीने बाद शासन ने उनके मूल पद पर तैनाती दे दी है। उनकी बहाली को अदालत से आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रखा गया है। नौटियाल को समाज कल्याण निदेशालय हल्द्वानी में तैनाती दी गई है।
सचिव समाज कल्याण एल फैनई ने नौटियाल की बहाली के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने नौटियाल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा 31 अक्टूबर 2019 को थाना सिडकुल हरिद्वार में दर्ज हुआ था।
एसआईटी ने 19 नवंबर 2019 को शासन को नौटियाल पर केस दर्ज होने की जानकारी दी। सूचना प्राप्त होने के बाद नौटियाल को बैक डेट से निलंबित कर दिया गया था। नौटियाल को एक नवंबर 2019 को देहरादून में जिला न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा पर जेल भेज दिया गया था।
इस दौरान नौटियाल ने उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दी। उन्हें 10 दिसंबर 2019 को अदालत से जमानत मिल गई। नौटियाल ने 30 दिसंबर 2019 को शासन से अपनी बहाली का अनुरोध किया। उत्तरांचल सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रावधानों के तहत नौटियाल को सशर्त सेवा में बहाल करने का निर्णय ले लिया गया।