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छात्रवृत्ति घोटाला : 338 छात्रों पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति लेने का आरोप
Fri, 01 Feb 2019 12:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 01 Feb 2019 12:23 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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छात्रवृत्ति घोटाले में 338 नए छात्रों का नाम और जुड़ सकता है। देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी के इन छात्रों के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने पुलिस मुख्यालय को शिकायत की है। माना जा रहा है कि यदि ये आरोप सही पाए गए तो यह घोटाला भी पांच करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इसमें देहरादून समेत कई शहरों के 26 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई होने की संभावना है।
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बता दें कि सरकार के आदेश पर एक एसआईटी 2012 से 2017 के बीच हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही है। इस मामले में एक मुकदमा डोईवाला कोतवाली में भी हो चुका है। फिलहाल एसआईटी समाज कल्याण विभाग से हासिल किए गए दस्तावेजों का अवलोकन करने में लगी हुई है। माना जा रहा है कि अभी इसमें कई और मुकदमे भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी बीच बृहस्पतिवार को आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने 338 छात्रों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने डीजी क्राइम अशोक कुमार और आईजी गढ़वाल जय रौतेला को ये शिकायती पत्र दिए हैं।
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आरोप है कि इन सभी छात्रों ने अपने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाए हैं। सभी छात्र नामी निजी शिक्षण संस्थानों से मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट आदि कोर्स कर रहे हैं। इनमें देहरादून समेत कई शहरों के 26 निजी शिक्षण संस्थान शामिल हैं। भूपेंद्र कुमार ने सभी छात्रों के खाता संख्या और नाम पता आदि पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इस मामले में डीजी क्राइम अशोक कुमार का कहना है कि भूपेंद्र कुमार की इस तहरीर को भी वर्तमान में प्रचलित एसआईटी की जांच में शामिल कर लिया गया है। भूपेंद्र कुमार ने जो साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं उनमें धनराशि का घपला पांच करोड़ रुपये के आसपास है। साथ ही निजी शिक्षण संस्थान भी देहरादून के नामी संस्थान हैं।
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2015 से 2017 के बीच के हैं मामले
भूपेंद्र कुमार ने जो लिस्ट पुलिस को दी है उनमें सभी मामले 2015 से 2017 के बीच के हैं। इनमें ज्यादातर छात्र देहरादून और हरिद्वार जनपद के हैं। निजी शिक्षण संस्थान ही नहीं बल्कि देहरादून के कुछ सरकारी शिक्षण संस्थानों के छात्रों पर भी आरोप हैं।
सरकारी ठेकेदारों और नौकरों के बच्चे शामिल
सूची के अनुसार जिन बच्चों की शिकायत है उनमें किसी के पिता सरकारी ठेकेदार हैं तो कई के सरकारी नौकर। कुछ व्यवसायी हैं तो कई सरकारी अध्यापक हैं। आरोप है कि सभी ने घालमेल करने के बाद अपनी आय को कम दिखाया और छात्रवृत्ति ली।